MP सरकार ने NDDB के साथ किया समझौता, अब दूध के अलावा गोबर से भी होगी किसानों की कमाई

Sanchi Dairy: मध्य प्रदेश सरकार ने NDDB के साथ बड़ा समझौता कर डेयरी सेक्टर को नई मजबूती देने की तैयारी की है. इस पहल से दूध उत्पादन, पशुओं की नस्ल सुधार, डिजिटल भुगतान और गोबर से अतिरिक्त कमाई जैसे नए रास्ते खुलेंगे. सबसे बड़ा फायदा सांची और उससे जुड़े पशुपालकों को मिलेगा, जिससे ग्रामीण आय मजबूत होगी.

नोएडा | Updated On: 11 Apr, 2026 | 05:07 PM

Milk Production: मध्य प्रदेश में पशुपालन और डेयरी से जुड़े लाखों परिवारों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार ने डेयरी सेक्टर को मजबूत करने और पशुपालकों की कमाई बढ़ाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ बड़ा समझौता किया है. इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा सांची दुग्ध संघ और उससे जुड़े पशुपालकों को मिलेगा. सरकार का मकसद साफ है कि दूध उत्पादन बढ़ाना, पशुओं की नस्ल सुधारना, दूध की गुणवत्ता बेहतर करना और किसानों की आय के नए रास्ते खोलना. आसान भाषा में कहें तो अब पशुपालन को सिर्फ पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के सहारे आगे बढ़ाया जाएगा.

डेयरी सेक्टर के लिए 7 बड़े काम पर फोकस

मध्य प्रदेश सरकार ने डेयरी सेक्टर  को नई दिशा देने के लिए 7 अहम बिंदुओं पर काम शुरू किया है. सबसे ज्यादा ध्यान प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा. कम दूध देने वाले पशुओं के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाया जाएगा, ताकि उनकी क्षमता बढ़ सके. इसके साथ ही दूध की गुणवत्ता जांच के लिए नई मशीनें और आधुनिक व्यवस्था लाई जाएगी. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा पशुपालक सहकारी समितियों से जुड़ें, ताकि दूध खरीद की प्रक्रिया मजबूत हो और सही दाम मिल सके. इसके अलावा बेहतर चारा और फीड उपलब्ध कराने के लिए नए प्लांट लगाने की तैयारी भी की जा रही है.

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा दूध उत्पादन

इस योजना के तहत पशुपालकों को आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन, एम्ब्रियो ट्रांसफर और सैक्स सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक तकनीकों  का लाभ मिलेगा. इनसे अच्छी नस्ल के बछड़े और ज्यादा दूध देने वाले पशु तैयार होंगे. सरकार की योजना है कि ये सेवाएं गांव स्तर तक पहुंचें और पशुपालकों को घर के पास ही सुविधा मिल जाए. इससे छोटे किसानों और पशुपालकों को भी आधुनिक डेयरी तकनीक का फायदा आसानी से मिल सकेगा. इसका सीधा असर दूध उत्पादन बढ़ने और आय मजबूत होने पर दिखेगा.

पशु इलाज और भुगतान दोनों होंगे आसान

पशुपालन को लाभकारी  बनाने के लिए सरकार गांवों में पशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने पर भी काम कर रही है. पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी, ताकि इलाज, टीकाकरण और नियमित जांच समय पर हो सके. इसके साथ ही दूध बेचने के बाद भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाया जाएगा. नई व्यवस्था में पैसा सीधे पशुपालकों के खाते में पहुंचेगा, जिससे देरी और पारदर्शिता की समस्या कम होगी. यह कदम छोटे पशुपालकों के लिए काफी राहत भरा साबित हो सकता है.

गोबर से भी बढ़ेगी कमाई, सांची को मजबूती

सरकार अब पशुपालकों की कमाई सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रखना चाहती. इसलिए गोबर से बायोगैस और जैविक खाद बनाने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है. इससे किसानों को अतिरिक्त आय का नया जरिया मिलेगा और गांवों में ऊर्जा की जरूरत भी पूरी हो सकेगी. इस पूरे समझौते का सबसे बड़ा फायदा सांची दुग्ध संघ को मिलेगा. NDDB के सहयोग से इसकी खरीद, गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था मजबूत होगी. इससे ज्यादा गांव और ज्यादा पशुपालक इससे जुड़ पाएंगे.

Published: 11 Apr, 2026 | 05:30 PM

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