सरकारी योजना का कमाल.. 17 हजार किसान बन गए मछली पालक, जानिए आप कैसे उठा सकते हैं लाभ?

उत्तराखण्ड सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से 17 हजार से ज्यादा लोग मछली पालन से जुड़कर रोजगार पा चुके हैं. इस योजना में तालाब निर्माण, बीज, चारा और उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है. इच्छुक किसान आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाकर अच्छी कमाई शुरू कर सकते हैं.

नोएडा | Published: 12 Feb, 2026 | 01:08 PM

Fisheries Development: उत्तराखण्ड में मछली पालन अब तेजी से कमाई का नया जरिया बनता जा रहा है. सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर बने हैं. तालाब निर्माण से लेकर बीज, चारा और उपकरणों तक पर मिलने वाली सब्सिडी से यह काम आसान हो गया है. इसी वजह से अब कई किसान खेती के साथ-साथ मछली पालन अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.

चार साल में हजारों लोगों को मिला रोजगार

उत्तराखण्ड पशुपालन विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना  के तहत पिछले चार साल में 17,450 से अधिक लोगों को मत्स्य पालन से रोजगार मिला है. इससे ग्रामीण इलाकों में आय के नए अवसर बने हैं. सरकार का उद्देश्य मछली पालन को एक मजबूत व्यवसाय बनाना है, ताकि लोग खेती के साथ-साथ इस काम से भी अच्छी कमाई कर सकें. योजना के जरिए तालाब निर्माण, बीज, चारा और उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है. इससे नए लोग भी इस काम की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

नीली क्रांति लाने की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत 10 सितंबर 2020 को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य देश में मछली उत्पादन  बढ़ाना और मछुआरों की आय दोगुनी करना है. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2024-25 तक मछली उत्पादन को 22 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचाना है. इसके साथ ही लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और मछली निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. इस योजना से मत्स्य पालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है.

सब्सिडी, लोन और प्रशिक्षण का लाभ

इस योजना के तहत मत्स्य पालकों  को आर्थिक मदद दी जाती है. सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जबकि एससी-एसटी और महिलाओं को 60 प्रतिशत तक सहायता दी जाती है. इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है. नई तकनीक सीखने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे मत्स्य पालन को आसान और लाभदायक बनाया जा सके. इन सुविधाओं की वजह से छोटे स्तर पर काम शुरू करने वाले लोग भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं.

ऐसे कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन

इस योजना का लाभ मछली पालक, मछली विक्रेता, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां और उद्यमी उठा सकते हैं. आवेदन जिला मत्स्य विभाग कार्यालय में जाकर या राज्य सरकार के ऑनलाइन पोर्टल https://pmmsy.dof.gov.in/ के माध्यम से किया जा सकता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि से जुड़े दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र और फोटो जैसे जरूरी कागज जमा करने होते हैं. आवेदन के बाद विभाग की टीम स्थल का निरीक्षण करती है और मंजूरी मिलने पर योजना का लाभ दिया जाता है.

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