तेज गर्मी में पोल्ट्री किसानों के लिए बड़ा अलर्ट, बिहार सरकार ने बताए असरदार और जरूरी सुरक्षा उपाय

बढ़ते तापमान ने पोल्ट्री फार्म संचालकों की चिंता बढ़ा दी है. गर्मी के कारण मुर्गियों के स्वास्थ्य और उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है. ऐसे समय में बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने किसानों के लिए जरूरी सलाह जारी की है, जिससे पक्षियों को सुरक्षित रखने और फार्म की उत्पादकता बनाए रखने में मदद मिलेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 May, 2026 | 11:23 AM

Poultry Farming: गर्मी का असर अब सिर्फ इंसानों पर ही नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव पोल्ट्री फार्म पर भी पड़ रहा है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण मुर्गियों में तनाव, पानी की कमी, बीमारी और उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे मौसम में पोल्ट्री फार्म संचालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, पशुपालन निदेशालय ने किसानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए कई जरूरी सुझाव जारी किए हैं, ताकि गर्मी के दौरान पक्षियों को सुरक्षित रखा जा सके और उत्पादन प्रभावित न हो.

शेड में रखें बेहतर हवादारी और तापमान नियंत्रण

गर्मी के मौसम में पोल्ट्री शेड  का तापमान नियंत्रित रखना सबसे जरूरी होता है. विभाग के अनुसार शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन यानी हवादारी होनी चाहिए, ताकि गर्म हवा बाहर निकल सके और अंदर ठंडक बनी रहे. शेड की छत पर सफेद चूना या रिफ्लेक्टिव पेंट लगाने से सूर्य की गर्मी कम असर करती है. इसके अलावा शेड के आसपास पेड़-पौधे लगाने और पानी का छिड़काव करने से भी तापमान कम रखने में मदद मिलती है. जहां संभव हो वहां पंखे, फॉगर्स और कूलिंग पैड का उपयोग करने की सलाह दी गई है.

साफ और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी

गर्मी में मुर्गियों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक पानी की आवश्यकता होती है. विभाग ने सलाह दी है कि पक्षियों को हर समय साफ, ताजा और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाए. पानी की टंकियों  और ड्रिंकर्स की नियमित सफाई करनी चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े. दोपहर के समय पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स और विटामिन मिलाने से पक्षियों को गर्मी से राहत मिलती है. पानी की कमी होने पर मुर्गियों में तनाव बढ़ता है और अंडा तथा मांस उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.

संतुलित आहार और पोषण पर दें विशेष ध्यान

अत्यधिक गर्मी में मुर्गियां कम दाना खाती हैं, जिससे उनका विकास प्रभावित हो सकता है. ऐसे में उन्हें पौष्टिक और संतुलित आहार देना  जरूरी है. विभाग के अनुसार सुबह और शाम के ठंडे समय में दाना देना अधिक फायदेमंद रहता है. भोजन में प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए. खराब या फफूंद लगे चारे का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. गर्मी के दौरान ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फीड सप्लीमेंट भी दिए जा सकते हैं.

बीमारी से बचाव और नियमित निगरानी जरूरी

गर्मी में पोल्ट्री पक्षियों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़  जाता है. इसलिए फार्म की नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन बेहद जरूरी है. विभाग ने सलाह दी है कि फार्म में भीड़भाड़ न रखें और बीमार पक्षियों को तुरंत अलग करें. समय-समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच करवाना भी जरूरी है. यदि पक्षियों में सांस लेने में दिक्कत, सुस्ती, पानी ज्यादा पीना या अचानक मृत्यु जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

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