1 हजार रुपये लीटर बिक रहा दुनिया की सबसे छोटी गाय का दूध, पीएम मोदी की चहेती है ये गाय
इन दिनों पुंगनूर नस्ल की दुनिया की सबसे छोटी गाय चर्चा में है. इसका दूध 1000 रुपये लीटर तक बिकता है और धार्मिक महत्व के कारण इसकी मांग बढ़ रही है. कम जगह में पाली जाने वाली यह गाय किसानों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाला विकल्प बनती जा रही है.
Punganur Cow: भारत में गाय को हमेशा से आस्था और आजीविका दोनों का आधार माना गया है, लेकिन क्या आपने ऐसी गाय के बारे में सुना है जिसका दूध 1000 रुपये लीटर तक बिकता है? उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में इन दिनों एक ऐसी ही अनोखी गाय चर्चा का विषय बनी हुई है. यह कोई आम गाय नहीं, बल्कि पुंगनूर नस्ल की दुनिया की सबसे छोटी गाय है, जिसकी कीमत और खासियत दोनों ही लोगों को हैरान कर रही हैं.
कौन सी है ये खास गाय?
इस गाय का नाम है पुंगनूर गाय, जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश की एक दुर्लभ नस्ल है. इसकी ऊंचाई करीब सवा दो फीट होती है, जिससे इसे दुनिया की सबसे छोटी गाय माना जाता है. आकार में छोटी होने के बावजूद इसकी खासियत बहुत बड़ी है. यह गाय देखने में बेहद सुंदर और शांत स्वभाव की होती है, जिससे लोग इसे जल्दी पसंद करने लगते हैं.
1 हजार रुपये लीटर क्यों बिकता है दूध?
इस गाय के दूध की कीमत सामान्य गायों से कई गुना ज्यादा होती है. बताया जाता है कि इसका दूध करीब 1000 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है. इसकी वजह है दूध की शुद्धता, पोषक तत्वों की अधिकता और धार्मिक महत्व. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है. यही कारण है कि पूजा-पाठ में इसकी मांग ज्यादा रहती है और कीमत भी ऊंची मिलती है.
सहारनपुर में कैसे पहुंची ये गाय?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,सहारनपुर के पशु प्रेमी राजेंद्र अटल के पास यह खास गाय मौजूद है. वे इसे मध्य प्रदेश के रास्ते लेकर आए हैं. दरअसल, उन्होंने नरेंद्र मोदी को इस छोटी गाय के साथ देखा था, जिसके बाद उनके मन में इसे पालने की इच्छा जागी. आज उनके पास कई तरह के पशु-पक्षी हैं, लेकिन ये गाय सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
कीमत 4 लाख, फिर भी बढ़ रही मांग
इस गाय की कीमत मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 4 लाख रुपये तक बताई जाती है, जो इसे और भी खास बनाती है. हालांकि, इसके बावजूद लोग इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं. राजेंद्र अटल का लक्ष्य है कि वे इस गाय की ब्रीडिंग सहारनपुर में ही करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस दुर्लभ नस्ल को पाल सकें. यह गाय न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि कम जगह में आसानी से पाली भी जा सकती है.