Wheat Procurement Uttar Pradesh: देशभर में गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है. उत्तर प्रदेश में भी 1 एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू है. बेमौसम बारिश के चलते राज्य में गेहूं खरीद प्रक्रिया में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन अब खरीद में रफ्तार आ गई है. यूपी के गेहूं किसानों के खाते में एमएसपी के हिसाब से गेहूं खरीद के भुगतान के रूप में 130 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. जबकि, 98 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा की गेहूं खरीद पूरी कर ली गई है.
160 रुपये बढ़ाकर एमएसपी के साथ गेहूं खरीद शुरू
रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल अधिक है. केंद्रीय खाद्यान्न खरीद पोर्टल के 15 अप्रैल की सुबह तक अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद 98,079.25 मीट्रिक टन की जा चुकी है. वहीं, 7,904 किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया गया है. किसानों के खाते में 130 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं.
6500 खरीद केंद्रों पर सुबह 9 बजे से 6 बजे तक खरीद
गेहूं के बढ़े एमएसपी पर बिक्री के लिए 4,12,798 से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है. अब तक 3574 स्थापित प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों के जरिए 6500 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं. क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं.
उतराई-छनाई के लिए 20 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए. मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी व बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं. मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं. बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है. इसके साथ ही किसानों को गेहूं उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से दिए 20 रुपये प्रति कुंतल दिए जाएंगे.
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का टारगेट
किसानों ने इस साल काफी अच्छी फसल तैयार की है. इसके लिए कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए थे. सरकार ने निर्देशित किया है कि पर्याप्त मात्रा में खरीद कर ली जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े. खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया है.