एक छोटी लापरवाही से खराब हो सकता है दूध, मशीन की सफाई पर पशुपालन मंत्रालय की सख्त सलाह

पशुपालन और डेयरी विभाग ने डेयरी किसानों को दूध निकालने वाली मशीनों की नियमित सफाई करने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार गंदी मशीनों में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे दूध की गुणवत्ता खराब हो सकती है. साफ-सफाई रखने से दूध शुद्ध, सुरक्षित और उपभोक्ताओं के लिए बेहतर बना रहता है.

नोएडा | Published: 6 Mar, 2026 | 12:29 PM

Milk Hygiene: दूध हमारे रोजमर्रा के खान-पान का अहम हिस्सा है. सुबह की चाय से लेकर बच्चों के पोषण तक, दूध हर घर की जरूरत है. लेकिन अगर दूध निकालने की मशीनें साफ न हों तो यही दूध सेहत के लिए खतरा बन सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग ने डेयरी किसानों को साफ-सफाई पर खास ध्यान देने की सलाह दी है, ताकि Clean Milk, Safe Milk यानी स्वच्छ और सुरक्षित दूध लोगों तक पहुंच सके.

साफ मशीन से मिलेगा शुद्ध दूध

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार दूध निकालने वाली मशीनों  की नियमित सफाई बेहद जरूरी है. कई डेयरी फार्मों में मशीनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अगर इनकी सफाई सही तरीके से न हो तो दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. मशीन के पाइप, कंटेनर और अन्य हिस्सों में अगर गंदगी जमा हो जाए तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. जब उसी मशीन से दूध निकाला जाता है तो यह बैक्टीरिया दूध में भी पहुंच सकते हैं. इससे दूध जल्दी खराब हो सकता है और पीने वालों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है. इसीलिए विभाग का कहना है कि दूध निकालने की मशीनों को रोजाना अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है.

बैक्टीरिया बनने से रोकना जरूरी

दूध एक पौष्टिक और संवेदनशील खाद्य पदार्थ है. इसमें पोषक तत्व ज्यादा होते हैं, इसलिए इसमें बैक्टीरिया भी जल्दी पनप सकते हैं. अगर मशीनें साफ नहीं होंगी तो उनमें जमा गंदगी बैक्टीरिया का घर बन सकती है. पशुपालन और डेयरी विभाग के विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार दूध खराब होने की बड़ी वजह मशीनों की सफाई में लापरवाही होती है. दूध निकालने के बाद अगर मशीन के पाइप और बर्तनों को तुरंत साफ नहीं किया जाए तो उनमें दूध के अवशेष रह जाते हैं. यही अवशेष बाद में बैक्टीरिया पैदा करते हैं. इसलिए दूध निकालने के बाद तुरंत मशीन को गर्म पानी और साफ पानी से धोना जरूरी बताया गया है.

साफ मशीन से दूध रहेगा सुरक्षित और गुणवत्ता भी बेहतर.

डेयरी किसानों के लिए जरूरी सावधानियां

विभाग ने डेयरी किसानों को कुछ आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है. सबसे पहले दूध निकालने से पहले और बाद में मशीन की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए. इसके अलावा मशीन के सभी हिस्सों को समय-समय पर चेक करना भी जरूरी है. अगर कहीं जंग, गंदगी या खराबी दिखाई दे तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए. साफ और सही हालत में मशीन इस्तेमाल करने से दूध की गुणवत्ता  बेहतर रहती है. किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि दूध निकालते समय साफ बर्तन और साफ जगह का इस्तेमाल करें. इससे दूध में किसी तरह की गंदगी या संक्रमण की संभावना कम हो जाती है.

दूध की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी

आजकल बाजार में दूध और डेयरी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अगर दूध की गुणवत्ता अच्छी होगी तो किसानों को बेहतर कीमत भी मिल सकती है. पशुपालन और डेयरी विभाग का कहना है कि साफ और सुरक्षित दूध से न सिर्फ उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ता है बल्कि डेयरी उद्योग को भी फायदा होता है. अगर दूध में बैक्टीरिया  या गंदगी पाई जाती है तो डेयरी कंपनियां उसे खरीदने से मना भी कर सकती हैं. इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे दूध उत्पादन के हर चरण में साफ-सफाई का ध्यान रखें. इससे उनका उत्पाद बेहतर होगा और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी.

स्वच्छता से बढ़ेगा भरोसा और आय

पशुपालन और डेयरी विभाग का संदेश साफ है कि स्वच्छता ही सुरक्षित दूध की सबसे बड़ी कुंजी है. अगर किसान दूध निकालने वाली मशीनों और उपकरणों की नियमित सफाई करेंगे तो दूध की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी. इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित दूध मिलेगा और किसानों की आय भी बढ़ सकती है. साफ-सफाई की यह छोटी-सी आदत डेयरी व्यवसाय को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बना सकती है. इसीलिए विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है कि वे Clean Milk, Safe Milk के संदेश को अपनाएं. अगर हर डेयरी फार्म  पर मशीनों और उपकरणों की सही सफाई होगी, तो देश में सुरक्षित और शुद्ध दूध की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी.

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