अब पशुओं के इलाज का खर्च होगा कम, यूपी सरकार खोल रही हर ब्लॉक में पशु औषधि केंद्र

उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए हर विकास खंड में पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे. इस योजना से पशुओं का इलाज आसान होगा, खर्च कम होगा और पशुपालन को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को सीधा फायदा मिलेगा.

नोएडा | Updated On: 6 Feb, 2026 | 07:40 PM

Animal Healthcare Services: गांवों में पशु बीमार पड़ जाएं तो सबसे बड़ी चिंता दवा और इलाज की होती है. कई बार दवाइयां महंगी होती हैं या समय पर मिल नहीं पातीं. अब इस परेशानी को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश में एक नई पहल शुरू की जा रही है. सरकार की योजना है कि हर विकास खंड में पशु औषधि केंद्र खोले जाएं, जहां पशुओं की दवाएं सस्ती और आसानी से मिल सकें. इससे पशुपालकों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और समय पर उपचार संभव हो सकेगा.

हर विकास खंड में खुलेगा पशु औषधि केंद्र

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग इन केंद्रों को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. जिले के प्रत्येक विकास खंड में एक पशु औषधि केंद्र स्थापित करने की योजना है. इन केंद्रों पर पशुओं के इलाज में उपयोग होने वाली जरूरी दवाइयां कम कीमत  पर उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे पशुओं के इलाज का खर्च कम होगा और छोटे पशुपालकों को खास फायदा मिलेगा. यह कदम पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ऐसे कर सकते हैं आवेदन

जो लोग पशु औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, उनके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पोर्टल (http://pashuaushadhi. dahd.gov.in) पर जाकर आवेदन करना होगा और 5000 रुपये का शुल्क जमा करना होगा. आवेदन के लिए फार्मासिस्ट का नाम और पंजीकरण, कम से कम 120 वर्ग फुट दुकान का प्रमाण और ड्रग सेल लाइसेंस जैसे जरूरी दस्तावेज देने होंगे. योजना के तहत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता मिलने की बात कही गई है.

पशुपालकों को मिलेगा सीधा फायदा

पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशु औषधि केंद्र खोलने की योजना पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. इन केंद्रों के शुरू होने से गांवों और कस्बों में पशुओं के इलाज के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी. समय पर दवा मिलने से पशुओं की बीमारियां जल्दी ठीक होंगी और दूध उत्पादन या पशुपालन से होने वाली आय पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

ग्रामीण इलाकों में पशुपालन  आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है, इसलिए यह योजना सीधे तौर पर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज की सुविधा नजदीक मिलने से पशुओं की नियमित देखभाल बढ़ेगी और बीमारी फैलने का खतरा भी कम होगा. इससे पशुधन की सेहत सुधरेगी और पशुपालन का व्यवसाय अधिक लाभकारी बन सकेगा.

Published: 6 Feb, 2026 | 10:21 PM

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