गौशाला में 7 गायों की मौत के बाद एक्शन मोड में आई सरकार, नई गाइडलाइन जारी
Cow Shelter Guidelines: गौशाला में 7 गोवंशों की मौत के बाद यूपी सरकार सख्त हो गई है. सरकार ने सभी गौशालाओं लिए व्यवस्थाएं मजबूत करने के लिए निर्देश जारी कर दिए है. इस संबंध उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं.
Uttar Pradesh Gaushala News: उत्तर प्रदेश की सरकारी गौशाला में हाल ही में बड़े स्तर पर लापरवाही देखी गई है, जिसके चलते कई गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई. जांच के दौरान गौशाला में हरे चारे की कमी और खराब भोजन पाया गया. इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह (Dharmapal Singh) ने सभी गौशालाओं के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है. उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
7 गोवंशों की मौत के बाद यूपी सरकार अलर्ट
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के मूसेपुर जयसिंह गांव में करीब 1.60 रुपये करोड़ की लागत से बनी गौशाला में 7 गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन और सरकार दोनों अलर्ट हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गांव के प्रधान प्रतिनिधि दिगंबर दयाल के अनुसार दो दिनों में सात पशुओं की मौत हुई, जबकि प्रशासन ने तीन मौतों की पुष्टि की है. शासन स्तर से मामले की जांच कराई गई है, जिसमें हरे चारे की कमी और पशुओं के लिए खराब भोजन पाया गया है.
पशुपालन मंत्री ने दिखाई सख्ती, निर्देश जारी
उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में अव्यवस्थाओं और कई गोवंशीय पशुओं की मौत पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि सभी गौशालाओं में त्रिपाल, छांव, साफ पानी, हरा चारा और पर्याप्त भूसा तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. जरूरत वाली जगहों पर मुफ्त बोरिंग, पानी टंकियां और नियमित भराव की व्यवस्था पर भी खास जोर दिया गया है, ताकि गर्मी में गोवंश सुरक्षित रह सकें.
बीमार और कमजोर गोवंश के लिए अलग आइसोलेशन कक्ष
गर्मी में कई बार कमजोर, बूढ़े या बीमार गोवंश जल्दी हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाते हैं. इसे देखते हुए सरकार ने 2500 से ज्यादा गौशालाओं में आइसोलेशन कक्ष तैयार करने के निर्देश दिए हैं. इन कमरों में बीमार और कमजोर गोवंश को अलग रखकर इलाज, आराम और बेहतर देखभाल दी जाएगी. इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा और कमजोर पशुओं को समय पर इलाज मिल सकेगा. मंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी गौशाला में अगर बीमार पशु की देखभाल में कमी मिली तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी.
सालभर हरे चारे के लिए नेपियर घास मिशन
सिर्फ भूसा ही नहीं, बल्कि सालभर हरा चारा मिले इसके लिए भी बड़ा प्लान तैयार किया गया है. सरकार ने 15 मई तक गोचर भूमि पर हाइब्रिड नेपियर घास की बुवाई कराने का लक्ष्य रखा है. यह घास तेजी से बढ़ती है और लंबे समय तक हरा चारा देती है. इससे गौशालाओं में चारे की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है. गर्मी के दिनों में हरा चारा मिलने से गोवंश की सेहत बेहतर रहती है और पानी की कमी का असर भी कम पड़ता है. सरकार का यह पूरा अभियान साफ दिखाता है कि इस बार गर्मी में गौशालाओं को पहले से ज्यादा मजबूत तैयारी के साथ संभाला जाएगा. अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू हुई, तो हजारों गौशालाओं में रह रहे गोवंश को बड़ी राहत मिलेगी और चारा-पानी की पुरानी समस्या काफी कम हो जाएगी.