26 साल बाद घना में दिखा दुर्लभ बैकाल टील पक्षी, रंग-बिरंगी बतख को देखने पहुंच रहे पक्षी प्रेमी
घना के प्रसिद्ध वेटलैंड में करीब 26 साल बाद दुर्लभ बैकाल टील पक्षी देखा गया है. रंग-बिरंगी बतख की यह प्रजाति सर्दियों में हजारों किलोमीटर दूर से प्रवास कर यहां पहुंचती है. लंबे समय बाद इसकी मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों में उत्साह बढ़ गया है और इसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं.
Baikal Teal: प्रकृति कभी-कभी ऐसे खूबसूरत पल देती है, जो लोगों को लंबे समय तक याद रहते हैं. ऐसा ही एक पल इन दिनों पक्षी प्रेमियों को देखने को मिल रहा है. विश्व प्रसिद्ध घना पक्षी विहार में करीब 26 साल बाद एक बेहद दुर्लभ और रंग-बिरंगा पक्षी बैकाल टील दिखाई दिया है. जैसे ही इस पक्षी की मौजूदगी की खबर फैली, पक्षी प्रेमी और पर्यटक इसे देखने के लिए उत्साहित हो गए. इसकी सुंदरता और मधुर आवाज ने पूरे इलाके का माहौल खास बना दिया है.
26 साल बाद दिखा दुर्लभ बैकाल टील
घना के प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में इस दुर्लभ बतख प्रजाति के पक्षी को देखे जाने की खबर ने प्रकृति प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ा दी है. बताया जा रहा है कि लगभग 26 साल बाद यह पक्षी यहां देखा गया है. जैसे ही इस पक्षी को वेटलैंड क्षेत्र में देखा गया, वहां मौजूद पक्षी प्रेमियों ने कैमरे में इसकी तस्वीरें कैद करनी शुरू कर दीं. यह पक्षी बहुत कम दिखाई देता है, इसलिए इसे देखना अपने आप में खास अनुभव माना जा रहा है. लंबे समय बाद इसकी वापसी को घना के बेहतर होते पर्यावरण का सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है.
साइबेरिया से हजारों किलोमीटर का सफर
बैकाल टील पक्षी मूल रूप से उत्तरी साइबेरिया के प्रसिद्ध लेक बैकाल इलाके में पाया जाता है. वहां सर्दियों के दौरान तापमान बहुत कम हो जाता है और कई झीलें बर्फ से जम जाती हैं. ऐसी स्थिति में भोजन की कमी होने लगती है, इसलिए यह पक्षी हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा कर गर्म इलाकों की ओर निकल पड़ता है. यही कारण है कि सर्दियों में यह कई देशों और क्षेत्रों के वेटलैंड में दिखाई देता है. घना का जलाशय और यहां का शांत वातावरण इस पक्षी के लिए आराम और भोजन का अच्छा स्थान बन जाता है.
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घना में लौटा दुर्लभ बैकाल टील, सैलानियों का बढ़ा आकर्षण.
बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगा होता है यह पक्षी
बैकाल टील को दुनिया की सबसे सुंदर बतख प्रजातियों में गिना जाता है. खासकर नर पक्षी का रंग और बनावट देखने में बेहद आकर्षक होता है. इसके सिर और शरीर पर अलग-अलग रंगों की अनोखी डिजाइन दिखाई देती है. धूप पड़ने पर इसके पंखों पर हरा, भूरा और क्रीम रंग चमकता हुआ नजर आता है. यही वजह है कि इसे देखते ही लोग तुरंत इसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं. इसकी चाल और पानी में तैरने का अंदाज भी बहुत अलग और सुंदर होता है.
वेटलैंड में मिलता है सुरक्षित ठिकाना
यह पक्षी आमतौर पर ठंडे देशों में रहता है, लेकिन सर्दियों में भोजन की तलाश में दक्षिण की ओर प्रवास करता है. ऐसे समय में झीलें, तालाब और वेटलैंड क्षेत्र इसके लिए सबसे सुरक्षित जगह बन जाते हैं. घना का वेटलैंड क्षेत्र भी पक्षियों के लिए स्वर्ग माना जाता है. यहां पानी, जलीय पौधे और शांत वातावरण मिलता है, जिससे प्रवासी पक्षियों को आराम और भोजन दोनों मिल जाते हैं. यही वजह है कि हर साल सर्दियों में कई दुर्लभ प्रवासी पक्षी यहां दिखाई देते हैं.
रंग-बिरंगी बतख.
पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के लिए खास मौका
बैकाल टील की वापसी से यहां आने वाले पर्यटकों का उत्साह भी बढ़ गया है. पक्षी प्रेमी और फोटोग्राफर इसे कैमरे में कैद करने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं. प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि अगर ऐसे दुर्लभ पक्षी दोबारा दिखाई देने लगें तो यह पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत है. इससे यह भी पता चलता है कि यहां का प्राकृतिक माहौल धीरे-धीरे और बेहतर हो रहा है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वेटलैंड और जलाशयों का संरक्षण किया जाए, तो भविष्य में और भी दुर्लभ पक्षी यहां देखने को मिल सकते हैं. फिलहाल बैकाल टील की यह वापसी पक्षी प्रेमियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. इसके रंग-बिरंगे पंख और मधुर आवाज ने घना के माहौल को और भी खूबसूरत बना दिया है.