Kharmas Kab Lag Raha Hai: हिंदू धर्म में खरमास का खास महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार इसे अशुभ समय माना जाता है और इस अवधि के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. विवाह, मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसी शुभ कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव हर माह में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं. लखनऊ के ज्योतिषी, राकेश पांडे के अनुसार जिस राशि में सूर्य प्रवेश करता है, उस माह का नाम उसी राशि से जुड़ा होता है. जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है, तो उनकी ऊर्जा में कमी आ जाती है. इस अवधि को ही खरमास कहते हैं.
मार्च 2026 में खरमास की तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, खरमास की शुरुआत मध्य मार्च से होगी. ज्योतिष गणना के मुताबिक, 14 मार्च 2026 की रात 12:41 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा. इसलिए खरमास 15 मार्च 2026 से शुरू होकर लगभग 1 महीने तक रहेगा. यह अवधि 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी और मेष राशि में प्रवेश के साथ समाप्त हो जाएगी.
खरमास में क्या नहीं करना चाहिए
लखनऊ के ज्योतिषी, राकेश पांडे के अनुसार खरमास के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कार्य वर्जित माने जाते हैं.
- विवाह या मांगलिक कार्य: इस समय विवाह करना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में अस्थिरता और सुख-समृद्धि में कमी आ सकती है.
- संस्कार: बच्चों का मुंडन, कर्णवेधन या नामकरण संस्कार नहीं किया जाता.
- निर्माण कार्य: नए घर की नींव रखना या बड़े निर्माण कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता.
- व्यवसाय: नए व्यापारिक समझौते या व्यवसाय की शुरुआत में विफलता और वित्तीय नुकसान की संभावना बढ़ जाती है.
- गृह प्रवेश और संपत्ति: नए घर में प्रवेश या संपत्ति खरीदना इस समय अशुभ माना जाता है.
शुभ कार्य वर्जित क्यों होते हैं
ज्योतिष गणना के अनुसार, शुभ कार्यों के लिए सूर्य का मजबूत और उच्च स्थिति में होना आवश्यक है. खरमास के दौरान जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में होते हैं, तो उनकी गति धीमी पड़ जाती है. इस कारण, इस समय किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसलिए इस दौरान विवाह, मुंडन या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है.
खरमास में क्या करना चाहिए
खरमास के दौरान व्यक्ति को आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए:
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना.
- उगते सूर्य को अर्घ्य देकर आदित्य हृदय स्तोत्र या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जप.
- जरूरतमंदों को दान देना, जैसे चना, गुड़, चावल, कंबल, कपड़े या धन.
- पवित्र नदियों जैसे गंगा या यमुना में स्नान करना.
खरमास हिंदू धर्म में एक अशुभ अवधि मानी जाती है, जिसमें सभी मांगलिक और शुभ कार्यों से बचना चाहिए. हालांकि यह समय धार्मिक, दान-पुण्य और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है. अधिक और सटीक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले.