बेकार घास बन रही है दलहन फसलों की दुश्मन, ऐसे करें नियंत्रण

अगर आप कम लागत और जैविक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो मल्चिंग बहुत बढ़िया विकल्प है. इसमें खेत में फसल के आसपास भूसा, सूखी पत्तियां या घास डाल दी जाती हैं. इससे न केवल खरपतवार को रोका जा सकता है, बल्कि मिट्टी की नमी भी बनी रहती है और तापमान संतुलित रहता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 14 Jun, 2025 | 03:23 PM

जब किसान दलहन की फसल उगाते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होती है खरपतवार यानी बेकार की घास जो फसल से पोषक तत्व और पानी छीन लेती है. ये न केवल उपज कम कर देती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बिगाड़ती है. अगर समय रहते खरपतवार पर काबू न पाया जाए, तो सारी मेहनत बेकार हो सकती है. इसलिए, दलहन फसलों में खरपतवार पर नियंत्रण बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कि किसान किन आसान और कारगर तरीकों से इस समस्या से निपट सकते हैं.

1. खेती के तरीके बदलकर पाएं राहत

सबसे पहले तो खेती की आदतों में थोड़ा बदलाव लाना होगा. फसल चक्र अपनाना यानी हर बार एक ही फसल न बोना, बल्कि समय-समय पर दूसरी फसलें लगाना इससे खरपतवार की बढ़त रुकती है. इसके अलावा, दलहन को दूसरी फसल के साथ मिलाकर बोना (इंटरक्रॉपिंग) भी असरदार होता है. इससे खेत में खाली जगह नहीं बचती, और खरपतवार को फैलने का मौका नहीं मिलता.

2. बीज बोने से पहले करें सही तैयारी

अच्छी फसल की नींव सही बीज शैय्या (seedbed) से पड़ती है. बीज बोने से पहले खेत की अच्छी तरह से जुताई करें, ताकि पुराने खरपतवार नष्ट हो जाएं. इसके लिए हल, हैरो या डिस्क का इस्तेमाल करें और खेत को समतल बनाएं. इससे फसल को सही शुरुआत मिलती है और खरपतवार की संख्या घटती है.

3. मल्चिंग से करें कुदरती सुरक्षा

अगर आप कम लागत और जैविक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो मल्चिंग बहुत बढ़िया विकल्प है. इसमें खेत में फसल के आसपास भूसा, सूखी पत्तियां या घास डाल दी जाती हैं. इससे न केवल खरपतवार को रोका जा सकता है, बल्कि मिट्टी की नमी भी बनी रहती है और तापमान संतुलित रहता है.

4. जरूरत हो तो करें रसायनों का प्रयोग

अगर ऊपर के उपायों से काम न चले तो उचित मात्रा में खरपतवारनाशी दवाएं (herbicides) इस्तेमाल की जा सकती हैं. लेकिन ध्यान रहे गलत दवा या ज्यादा मात्रा से आपकी फसल को भी नुकसान हो सकता है. इसलिए हमेशा कृषि वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही दवा का छिड़काव करें.

5. हाथ से निराई और मशीन से सफाई

जिन इलाकों में रसायनों का इस्तेमाल संभव नहीं है, वहां हाथ से निराई या मशीन से खरपतवार हटाना बेहतर तरीका है. यह मेहनत भरा जरूर है, लेकिन अगर समय रहते किया जाए तो फसल को बहुत फायदा होता है. ट्रैक्टर से जुड़ी कुछ मशीनें भी इसमें मदद कर सकती हैं.

6. अपनाएं ‘इंटीग्रेटेड वीड मैनेजमेंट’ (IWM)

अगर आप चाहते हैं कि खरपतवार से हमेशा के लिए छुटकारा मिले, तो एक ही तरीका काफी नहीं है. आपको सभी उपायों को मिलाकर काम करना होगा जैसे फसल चक्र, जैविक तरीका, रसायन और निराई-मशीन का सही संयोजन. इसे ही कहते हैं इंटीग्रेटेड वीड मैनेजमेंट यानी समेकित खरपतवार नियंत्रण. इससे न केवल फसल बचेगी, बल्कि आपकी मिट्टी और खेत भी लंबे समय तक उपजाऊ रहेंगे.

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Published: 14 Jun, 2025 | 03:06 PM

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