बिहार में खाद कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 29 FIR दर्ज.. 28 दुकानों के लाइसेंस रद्द

Bihar Fertilizer News: बिहार सरकार ने कहा है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है और यूरिया, डीएपी, एनपीके समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. इस साल अब तक 29 प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 5 Jun, 2026 | 02:21 PM

Fertilizer Black Marketing Bihar: खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ने के बीच बिहार सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि खाद वितरण में गड़बड़ी करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी के तहत इस साल अब तक 29 प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा 28 खाद दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं. सरकार ने साफ किया है कि किसानों को तय कीमत पर और समय पर खाद मिले, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है. साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सरकार की नजर

खाद की मांग बढ़ने पर कई बार कुछ लोग ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खाद की जमाखोरी करते हैं या तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलने की कोशिश करते हैं. इसका सीधा असर किसानों पर पड़ता है. इसी को रोकने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी और सख्त कर दी है. विभाग की टीमें लगातार खाद की दुकानों और गोदामों की जांच कर रही हैं. जहां भी गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिल रही है, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है.

28 खाद दुकानों के लाइसेंस रद्द

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक खाद वितरण में गड़बड़ी करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले 29 प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा 28 खाद दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं.

सरकार का कहना है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. बिहार कृषि विभाग के मुताबिक, किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

किसानों को जागरूक करने पर भी जोर

कृषि विभाग सिर्फ गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई ही नहीं कर रहा, बल्कि किसानों को जागरूक भी कर रहा है. इसके लिए अलग-अलग जिलों में अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे खाद हमेशा अधिकृत दुकानों से ही खरीदें और तय कीमत से ज्यादा पैसे न दें. विभाग ने किसानों से यह भी कहा है कि अगर कोई दुकानदार ज्यादा कीमत वसूलता है या खाद देने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत कृषि विभाग के अधिकारियों से करें.

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग को जहां भी शिकायत मिलती है, वहां तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाती है. खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें.

राज्य में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद

कृषि मंत्री के अनुसार, 30 जून 2026 तक बिहार में किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की व्यवस्था की गई है. राज्य में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी जैसे प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरकार का दावा है कि मौजूदा भंडार किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. ऐसे में किसानों को घबराने या अतिरिक्त मात्रा में खाद खरीदकर रखने की जरूरत नहीं है.

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Published: 5 Jun, 2026 | 02:20 PM

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