किसानों के आगे झुकी पंजाब और केंद्र सरकार, गेहूं खरीद मानकों में छूट का आदेश जारी
Wheat Procurement Norms Relaxed: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बेमौसम बारिश से गेहूं की खरीद में छूट देने का अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है. जमीनी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने पंजाब के सभी जिलों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2026–27 के तहत गेहूं की खरीद में छूट को मंजूरी दे दी है.
Wheat Procurement Standards Relaxed: पंजाब के किसानों को गेहूं खरीद मानकों में छूट देने की अपील को केंद्र सरकार ने मान लिया है. खराब मौसम के चलते गेहूं किसानों को भारी नुकसान हुआ है और उपज की चमक कम हुई है. इसके साथ ही दाना टूटा गया है और सिकुड़ गया है. ऐसे में खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज मानकों के अनुरूप नहीं होने से खरीद नहीं की जा रही थी. इसके विरोध में किसानों ने आज पूरे राज्य में रेल चक्का जाम का ऐलान किया था, जिसे बाद में केंद्र की ओर से मांग मान लिए जाने के बाद वापस ले लिया गया है.
केंद्रीय मंत्री बोले- बारिश प्रभावित किसानों को लाभ मिलेगा
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की खरीद में छूट देने का अनुरोध 9 अप्रैल 2026 को मिला था. इसके तुरंत बाद 10 अप्रैल को सभी जिलों में स्थिति का जायजा लेने के लिए टीमें भेजी गईं. जमीनी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने पंजाब के सभी जिलों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2026–27 के तहत गेहूं की खरीद में छूट को मंजूरी दे दी है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस फैसले से किसानों की मुश्किलें कम करने और गेहूं की किसी भी तरह की मजबूरी में बिक्री (distress sale) को रोकने में मदद मिलेगी. ये छूट RMS 2026–27 की शुरुआत से लागू होंगी.
केंद्र से पंजाब सरकार को लेटर जारी
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से पंजाब राज्य और चंडीगढ़ (UT) में RMS 2026-27 के दौरान केंद्रीय पूल खरीद के लिए गेहूं की विशिष्टताओं में छूट के लिए अनुरोध के संबंध में अपर सचिव कृषि नई दिल्ली और पंजाब सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को मिला. जिसके बाद मांग को मान लिया गया है और राज्य को निर्देशों के पालन के लिए आदेश पत्र जारी किया गया है.
केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि किसानों की कठिनाई को कम करने और गेहूं की ‘तनावपूर्ण बिक्री’ (distress sale) से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान पंजाब राज्य और चंडीगढ़ (UT) के सभी जिलों में गेहूं की खरीद मानकों में छूट दी जा रही है.
गेहूं खरीद मानकों में ये छूट दी गई
- पूरे पंजाब राज्य और चंडीगढ़ (UT) में ‘चमक में कमी’ (Lustre Loss) वाले गेहूं की सीमा को 70 फीसदी तक छूट दी जाती है.
- पूरे पंजाब राज्य और चंडीगढ़ (UT) में एक समान विनिर्देशों के तहत मौजूदा 6 फीसदी की सीमा के मुकाबले सिकुड़े हुए और टूटे हुए दानों की सीमा को 15% तक शिथिल किया गया है.
- क्षतिग्रस्त और थोड़ा क्षतिग्रस्त, दोनों तरह के दानों की कुल मात्रा 6% से अधिक नहीं होनी चाहिए.
The request for relaxation in wheat procurement due to untimely rainfall was received on 9th April 2026. Promptly thereafter, teams were deputed on 10th April to assess the situation across all districts. Based on field inputs, the Centre Govt. led by PM Shri @NarendraModi ji has… pic.twitter.com/IvnzKxWNXe
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) April 17, 2026
राज्य सरकार इस्तेमाल करेगी यह गेहूं
मानक में ढील के बाद खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित (स्टैक) किया जाएगा और उसका हिसाब भी अलग से रखा जाएगा. इस गेहूं के स्टॉक की गुणवत्ता में भंडारण के दौरान होने वाली किसी भी गिरावट की पूरी जिम्मेदारी पंजाब राज्य सरकार और चंडीगढ़ (UT) की होगी. इस गेहूं के स्टॉक का निपटान (बिक्री) सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. इस छूट के कारण होने वाले किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.