रेलवे टिकट नियमों में बदलाव, जानिए कितने घंटे पहले कैंसिल किया तो मिलेगा रिफंड

Indian Railways: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल दिए हैं. अब यात्रियों को रिफंड पाने के लिए पहले से ज्यादा सावधानी रखनी होगी. नए नियमों में समय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे आखिरी समय में टिकट कैंसिल करने वालों को नुकसान हो सकता है.

नोएडा | Updated On: 24 Mar, 2026 | 06:00 PM

Railways Update: अगर आप ट्रेन से यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अपडेट जानना बहुत जरूरी है. भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया है, जिससे यात्रियों की प्लानिंग पर सीधा असर पड़ेगा. अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी. साथ ही, पूरा रिफंड पाने के लिए अब 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी कर दिया गया है.

नया नियम क्या कहता है?

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन  के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए बताया कि अब अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम समय बचा है और आप टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा. पहले यह सीमा 4 घंटे थी. अब नया नियम यह है कि 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर आपको केवल 50 फीसदी पैसा ही वापस मिलेगा. यानी आधा किराया कट जाएगा.

72 घंटे वाला नया सिस्टम समझिए

रेलवे ने कैंसिलेशन को लेकर समय की सीमा भी बदल दी है. पहले 48 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करने पर मामूली चार्ज काटकर पूरा पैसा वापस मिल जाता था. अब इस समय बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया है. नए नियम के अनुसार 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल  करने पर 25 फीसदी किराया काटा जाएगा. वहीं, 72 घंटे से पहले कैंसिल करने पर सिर्फ छोटा सा चार्ज काटकर बाकी पूरा पैसा वापस मिल जाएगा.

क्यों बदले गए ये नियम?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव  ने बताया कि यह बदलाव एक खास वजह से किया गया है. रेलवे और आरपीएफ ने जांच में पाया कि ज्यादातर लोग और एजेंट 24 घंटे पहले ब्लैक में टिकट खरीदते और बेचते हैं. कई बार एजेंट आखिरी समय में टिकट कैंसिल कर देते थे, जिससे असली यात्रियों को नुकसान होता था. अब नए नियम से एजेंटों का यह खेल खत्म करने की कोशिश की गई है.

आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?

इन नए नियमों का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो आखिरी समय में अपनी यात्रा रद्द करते हैं. अब उन्हें पहले से प्लान बनाना होगा, नहीं तो पैसा कट सकता है. हालांकि, रेलवे का मानना है कि इससे सीटों का सही इस्तेमाल होगा और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ज्यादा मौका मिलेगा. असली यात्रियों को फायदा होगा और ब्लैक टिकट का धंधा कम होगा.

Published: 24 Mar, 2026 | 05:38 PM

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