किसानों के लिए पैसे मिलने का रास्ता साफ! NCDC बिल से बिना बिचौलिए सीधे मिलेगी आर्थिक मदद

Agri Loan: किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की राह आसान हो सकती है. सरकार ने लोकसभा में NCDC संशोधन विधेयक पेश किया है, जिसे आज पास कर दिया गया है. इसके तहत पात्र सहकारी संस्थाओं को सीधे लोन और अनुदान मिल सकेगा. डेयरी, गोदाम, प्रोसेसिंग और मछली पालन परियोजनाओं को इसका बड़ा फायदा मिलेगा.

नोएडा | Published: 12 Aug, 2026 | 04:12 PM

Agri Loan: किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए लोन की राह अब थोड़ी आसान होने वाली है. सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को अपनी परियोजनाओं के लिए फंड जुटाने में बार-बार बिचौलियों और लंबी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) संशोधन विधेयक पेश किया और आज मंगलवार को बिल पास हो गया है. प्रस्तावित बदलावों से सहकारी संस्थाओं को सीधे ऋण और अनुदान मिलने का रास्ता साफ होगा. इसका फायदा डेयरी, भंडारण, मछली पालन और प्रोसेसिंग जैसी परियोजनाओं से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल सकता है.

अब बिचौलिए के बिना मिल सकेगा लोन और अनुदान

प्रस्तावित कानून का सबसे बड़ा बदलाव एनसीडीसी की वित्तीय मदद देने की व्यवस्था में किया गया है. नए प्रावधानों के तहत एनसीडीसी सिर्फ सहकारी समितियों  तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सहकारी क्षेत्र में काम करने वाली अन्य पात्र संस्थाओं को भी सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा. अभी कई मामलों में वित्तीय सहायता पाने के लिए राज्य सरकार या किसी दूसरी सहकारी संस्था के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है. इससे परियोजनाओं को मंजूरी और पैसा मिलने में समय लग सकता है. नए कानून के बाद यह प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है. हालांकि, एनसीडीसी जरूरत के अनुसार लोन देने के लिए गारंटी या दूसरी सुरक्षा मांग सकेगा.

डेयरी से मछली पालन तक, कई परियोजनाओं को मिलेगा फायदा

सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से सहकारी क्षेत्र में अटकी कई परियोजनाओं को गति मिल सकती है. उदाहरण के लिए किसी दुग्ध सहकारी  समिति को दूध चिलिंग प्लांट लगाना हो या किसानों के लिए गोदाम और प्रोसेसिंग यूनिट तैयार करनी हो, तो उसे सीधे वित्तीय मदद मिल सकेगी. इसी तरह मछली पालन से जुड़ी सहकारी संस्थाएं भी उत्पादन और भंडारण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए फंड हासिल कर सकेंगी. इससे परियोजनाएं समय पर शुरू होने और किसानों व छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार तथा आय के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.

सिर्फ कर्ज नहीं, अब शेयर पूंजी में भी हिस्सेदारी

NCDC संशोधन विधेयक में एनसीडीसी की भूमिका को और व्यापक  बनाने का प्रस्ताव है. सरकार की मंजूरी के बाद एनसीडीसी अब सहकारी समितियों या विकास से जुड़ी पात्र संस्थाओं की शेयर पूंजी में हिस्सेदारी भी ले सकेगा. इसका मतलब यह है कि एनसीडीसी की भूमिका सिर्फ लोन देने वाली संस्था तक सीमित नहीं रहेगी. जरूरत पड़ने पर वह किसी सहकारी परियोजना में सीधे पूंजी निवेश भी कर सकेगा. इससे बड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

चार साल में 2,000 करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान

सहकारी क्षेत्र को वित्तीय मजबूती देने के लिए सरकार ने एनसीडीसी को 2025-26 से 2028-29 तक चार वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है. सरकार के मुताबिक यह रकम एनसीडीसी की कर्ज देने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी. सरकार का अनुमान है कि इस सरकारी सहायता के आधार पर एनसीडीसी बाजार से करीब 20,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकता है. इससे सहकारी संस्थाओं को लंबे समय के लिए लोन और रोजमर्रा के कारोबार  के लिए जरूरी वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी.

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