इस ‘खास’ तरबूज की खेती से मालामाल हो रहा यूपी का यह किसान
चौकोर तरबूज या स्क्वॉयर वॉटरमेलन,ताइवान और जापान का वह पसंदीदा फल जो अब भारत के किसानों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस फल की कीमत और मांग दोनों ही इस समय भारत में बहुत ज्यादा है.

इसकी खेती पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है. किसान इसकी खेती से लाखों करोड़ों रुपये तक कमा सकते हैं. उत्तर प्रदेश (यूपी) के एक किसान अमित भदौरिया ने साल 2024 में इस तरबूज की खेती से भारी मुनाफा सुनिश्चित किया है. भदौरिया ने खेती के लिए ताइवान से बीज आयात किए थे.

भारत में इस फल की एक किस्म की खेती करने का उनका आइडिया सफल हुआ. उन्हें तीन एकड़ जमीन पर उगाई गई उपज से 4 लाख रुपये का मुनाफा भी हुआ. भदौरिया के अनुसार ताइवान के तरबूज उत्पादन से उन्हें लागत से 10-12 गुना ज्यादा मुनाफा हुआ.

भदौरिया का कहना है कि तरबूज गेहूं और चावल से ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस खास फल की खेती के लिए एक अलग तरीके और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. फंगस हो या न हो, फसल को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए नियमित रूप से कीटनाशक डालना चाहिए.

स्म की खेती मार्च में करनी होती है. इसे ठंड के मौसम से भी बचाना होता है. एक एकड़ जमीन पर इस फल की खेती की लागत करीब 20,000 रुपये है. इस फल को उगाने में जितना निवेश किया जाता है, उससे कहीं ज्यादा मुनाफा होता है. एक ताइवानी तरबूज का वजन 3 से 3.50 किलोग्राम तक होता है. इस किस्म की खासियत इसका मीठा स्वाद है.

इस खास तरबूज की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है. कई किसान अच्छी इनकम के बारे में बातें भी कर रहे हैं. इसकी हाइब्रिड किस्मों और सिल्वर मल्चिंग जैसी तकनीकों के साथ किसान प्रति एकड़ 80,000-90,000 रुपये तक का फायदा उठा सकते हैं.
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