मध्य प्रदेश दुग्ध सहकारी संघ ने अपने उपभोक्ताओं के लिए दूध के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी को लागू कर दिया है. वहीं, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) राज्य के दूध किसानों को बढ़ाकर भाव देने का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने भी दूध किसानों को प्रति लीटर 5 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है.
सांची दूध के सभी पैकेट के दाम बढ़े
मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध संघ सांची नाम से दूध और दूध उत्पादों की बिक्री करता है. सांची दूध के डीटीएम 180 एमएल को छोड़कर सभी तरह के पैकेट दूध का दाम बढ़ाकर लागू कर दिया गया है. फुल क्रीम दूध (गोल्ड) 500 एमएल 35 रुपए, फुल क्रीम दूध (गोल्ड) एक लीटर 70 रुपए में मिलेगा, इसमें 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं. इसी तरह स्टेण्डर्ड दूध (शक्ति) 500 एमएल 32 रुपए, टोण्ड दूध (ताजा) 500 एमएल 29 रुपए, डबल टोण्ड दूध (स्मार्ट) 500 एमएल 27 रुपए, चाह दूध एक लीटर 62 रुपये कर दिया गया है.

किसानों को 840 रुपये प्रति किलो फैट का भाव मिलेगा
एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (MPCDF) भोपाल से संबद्ध ग्वालियर दुग्ध संघ प्रबंधन की ओर से दूध खरीद कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया गया है. दुग्ध सहकारी समितियों के दूध किसानों को अब 840 रुपये प्रति किग्रा फैट का भाव मिलेगा. यानी लगभग 84 रुपये प्रति लीटर दूध का भाव मिलेगा. किसानों को नया भाव 21 मई 2026 से दिया जाएगा.
कैसे तय होती है फैट के हिसाब से दूध की कीमत
गाय के एक लीटर दूध में अगर 3.5 फीसदी फैट होता है तो दूध की कीमत 35 से 45 रुपये प्रति लीटर तय होती है. इसी तरह भैंस के दूध में अगर 6.5 फीसदी फैट होता है तो उसके दूध का भाव 65 रुपये प्रति लीटर तय किया जाता है. बता दें कि पशुओं में फैट की मात्रा चारा, देखभाल और ब्यांत के दिनों के हिसाब से अलग-अलग होता है.
हर महीने 3 तारीखों में होगा भुगतान
एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (MPCDF) ने कहा है कि सभी दुग्ध संघ प्रबंधन किसानों को तय समय पर दूध खरीद का भुगतान करते रहें. किसानों को भुगतान की तारीखें तय करते हुए हर महीने की 05, 15 और 25 तारीख को भुगतान करना अनिवार्य किया गया है. फेडरेशन ने कहा है कि किसानों को पशु के लिए चारा आदि की व्यवस्था करने में देरी नहीं होनी चाहिए, इसलिए दूध खरीद के बाद भुगतान की तारीखें तय की गई हैं.
दुग्ध उत्पादकों में खुशी की लहर
दुग्ध संघ के दूध खरीद भाव में बढ़ोत्तरी के फैसले से ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरेना, भिंड, शेओपुर समेत राज्यभर के दूध किसानों में खुशी की लहर है. इस बढ़ोतरी से क्षेत्र के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होगा. वहीं, दूध के बढ़े हुए दामों से किसानों को पशुपालन के लिए बेहतर पोषण, चारा एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक निवेश करने में सहायता मिलेगी. इससे दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.