यूपी के गन्ना उत्पादकों की बढ़ेगी कमाई, किसानों को दी जाएंगी उन्नत और रोग-प्रतिरोधी किस्में.. पूरा प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत और रोग-प्रतिरोधी किस्मों, टिश्यू कल्चर और प्रमाणित बीज का विस्तार किया जा रहा है. यंत्रीकरण, प्रिसिजन फार्मिंग और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने पर जोर है.

नोएडा | Updated On: 3 Feb, 2026 | 12:36 AM

Sugarcane Farmers: उत्तर प्रदेश में गन्ना और चीनी उत्पादन में बढ़ोतरी होने वाली है. इसके लिए किसानों को गन्ने की उन्नत और रोग-प्रतिरोधी किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही प्रमाणित बीज के लिए पौधशालाओं और टिश्यू कल्चर का विस्तार होगा. यानी सरकार का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की कमाई में भी इजाफा करना है, ताकि वे बेहतर जिन्दगी जी सकें. इसके लिए सरकार हर तरीके से किसानों की मदद करने के लिए तैयार है. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना बीज उत्पादन, नर्सरी विकास और प्रसंस्करण से जोड़ा जाएगा. उन्हें मूल्य संवर्धन और ड्रोन संचालन जैसी गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ेगा और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी.

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गन्ना उत्पादन  और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक बैठक हुई है. बैठक की अध्यक्षता मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की. इसमें नई गन्ना किस्मों के उपयोग और पुरानी किस्मों के प्रतिस्थापन पर चर्चा हुई. उन्नत किस्मों के संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी विचार किया गया. साथ ही गन्ना और चीनी उत्पादन बढ़ाने वाली योजनाओं पर विस्तार से बात हुई. साथ ही  बैठक में कहा गया कि चीनी मिलों में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. उच्च उत्पादकता और अधिक चीनी परता सुनिश्चित की जाएगी. रोग-प्रतिरोधी किस्मों का प्रसार किया जाएगा.

पौधशालाओं और टिश्यू कल्चर का विस्तार होगा

अधिकारियों ने सीएम से कहा कि प्रमाणित बीज के लिए पौधशालाओं और टिश्यू कल्चर का विस्तार होगा. मृदा स्वास्थ्य सुधारा जाएगा और संतुलित उर्वरक का इस्तेमाल होगा. साथ ही यंत्रीकरण और पेड़ी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, नई तकनीक, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन फार्मिंग का प्रभावी उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा बैठक में टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए उन्नत और रोगमुक्त गन्ना किस्मों  के प्लांटलेट्स का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसके लिए बलरामपुर चीनी मिल, उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, शाहजहानपुर और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभाग एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच महत्वपूर्ण समझौते पर मंत्री की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए.

महिलाओं को भी मिलेगा रोजगार

इन समझौतों से किसानों को उन्नत किस्मों के बीज की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे गन्ना उत्पादन  बढ़ेगा और चीनी उद्योग को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा. साथ ही, महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना बीज उत्पादन, नर्सरी विकास, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ड्रोन संचालन और अन्य सहायक गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाया जाएगा और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी. वर्तमान में गन्ना खेती में श्रमसाध्य काम, श्रमिकों की समय पर उपलब्धता न होना और बढ़ती लागत के कारण यंत्रीकरण (मशीनों का उपयोग) जरूरी हो गया है. इसी क्रम में गन्ना कटाई और छिलाई के लिए गन्ना हार्वेस्टर के विभिन्न निर्माताओं ने अपनी मशीनें प्रस्तुत कीं.

 

 

Published: 3 Feb, 2026 | 06:45 AM

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