बढ़ती ठंड ने गेहूं किसानों की बढ़ाई चिंता, पैदावार पर मंडरा रहा है खतरा.. ICAR ने दिया भरोसा

उत्तर-पश्चिम भारत में जनवरी में सामान्य से अधिक तापमान गेहूं किसानों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि फरवरी में दाने भरने का समय होता है. ICAR के अनुसार फसल सुरक्षित है, गर्मी सहन करने वाली किस्में बोई गई हैं. बुवाई रिकॉर्ड स्तर पर है और 2025-26 में 119 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.

नोएडा | Published: 3 Jan, 2026 | 10:02 AM

Wheat Farming: उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में जनवरी में सामान्य से अधिक न्यूनतम और अधिकतम तापमान रहने की संभावना ने गेहूं किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि फरवरी में फसल का ‘ग्रेन-फिलिंग’ यानी दाने भरने का सबसे अहम समय होता है. हालांकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) को भरोसा है कि इससे फसल को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि 2025 में भी उच्च तापमान के बावजूद गेहूं ठीक रहा था.

IMD के अनुसार जनवरी में उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से ऊपर तक रह सकता है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य हैं. 2021-22 में फरवरी की गर्मी के कारण उत्पादन में 1.85 मिलियन टन की गिरावट हुई थी, जिससे निर्यात पर रोक लग गई थी.

DBW 187, HD 3226 और HD 3086 उगाई जाती हैं

ICAR के उप महानिदेशक डीके यादव के अनुसार, पिछले सालों में फसल की किस्मों का परिदृश्य बदल गया है. उत्तर-पश्चिम और मध्य क्षेत्र में 75 फीसदी क्षेत्र में गर्मी सहन करने वाली किस्में जैसे DBW 187, HD 3226 और HD 3086 उगाई जाती हैं. किसानों की पसंदीदा प्रमुख किस्मों में DBW 327, DBW 187, DBW 303, PBW 872, HD 3226, HD 3086, HI 8759, WH 1105 और GW 366 शामिल हैं. यादव ने कहा कि फसल की सुरक्षा  के लिए यह देखा जाना चाहिए कि तापमान वृद्धि किस चरण में होती है. 15 फरवरी से पहले तापमान बढ़ना ज्यादा जोखिम वाला है. आम तौर पर दिन का तापमान 26-27°C तक ठीक रहता है, लेकिन 28-29°C लंबे समय तक रहने पर समस्या हो सकती है. ICAR ने अक्टूबर में बोई जाने वाली जल्दी पकने वाली किस्में भी विकसित की हैं, जिनमें फरवरी तक दाने भर जाते हैं, इसलिए उनका असर कम होगा.

कितना दर्ज किया गया तापमान

IMD के निदेशक-जनरल M. मोहापात्रा ने 1 जनवरी को बताया कि फरवरी 2025 में देश में अब तक का सबसे अधिक औसत न्यूनतम तापमान  15.02°C और दूसरा सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.10°C दर्ज किया गया. क्षेत्रीय स्तर पर, केंद्रीय क्षेत्र में अधिकतम तापमान 32.47°C (सामान्य से 1.94°C अधिक) और न्यूनतम 16.72°C (सामान्य से 1.74°C अधिक) रहा. वहीं, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में अधिकतम 24.29°C (1.91°C अधिक) और न्यूनतम 9.93°C (0.99°C अधिक) दर्ज हुआ.

322.68 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई

गेहूं की बुवाई के आंकड़ों के अनुसार 26 दिसंबर तक गेहूं की बुवाई  322.68 लाख हेक्टेयर हो चुकी थी, जो पिछले साल 322.49 लाख हेक्टेयर से थोड़ी ज्यादा है. सामान्य बुवाई क्षेत्र 312.35 लाख हेक्टेयर है और पिछले साल की बुवाई अब तक की सबसे अधिक 328.04 लाख हेक्टेयर थी. विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस साल गेहूं की बुवाई नया रिकॉर्ड बना सकती है. सरकार ने 2025-26 में 119 मिलियन टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जो अप्रैल में कटाई के लिए तैयार होगा.

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