इथेनॉल बनने से किसानों ने 1.60 लाख करोड़ कमाए? गाड़ी का माइलेज घटता है.. इंजन खराब होता है, सभी सवालों के जवाब पढ़िए

Ethanol Fuel Misconception FAQ : इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर फैली भ्रांतियों और आरोपों पर केंद्र सरकार ने लिखित में जवाब दिए हैं. इन्हें यहां पढ़ सकते हैं...

Kisan India
नोएडा | Published: 6 Jul, 2026 | 01:27 PM

Ethanol Mixed Petrol Fuel Related All Questions Answers List : इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन का माइलेज घटने और इंजन खराब होने के कथित आरोप लगाए जा रहे हैं. जबकि, मक्का, चावल और मोटे अनाज का इस्तेमाल इथेनॉल बनाए जाने में किए जाने से किसानों की कमाई बढ़ने का दावा किया जा रहा है. इसके अलावा भी कई तरह की अलग-अलग धारणाएं सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंच रही हैं और इथेनॉल को लेकर लोगों का विश्वास कम हुआ है, जिससे सोशल मंचों पर हंगामे जैसी स्थिति बनती दिख रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने इथेनॉल युक्त पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर लोगों की सभी धारणाओं, आरोपों और सवालों के जवाब दिए हैं.

सवाल- क्या सच में ई20 से माइलेज में 30 फीसदी की कमी आती है

जवाब – केंद्र सरकार की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि – 30 फीसदी का आंकड़ा केवल पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल के कम ऊष्मीय मान (कैलोरिफिक वैल्यू) से संबंधित है, न कि वास्तविक परिस्थितियों में माइलेज में होने वाली कमी से. वास्तविक माइलेज ईंधन के प्रकार की अपेक्षा वाहन चलाने की शैली, टायरों में वायु दाब, वाहन के रखरखाव और एयर कंडीशनर के उपयोग जैसे फैक्टर्स पर कहीं अधिक निर्भर करता है.

सवाल- ई20 से इंजन खराब हो जाते हैं, खासकर पुराने वाहनों के इंजन?

जवाब- ई20 के लागू होने के बाद इससे संबंधित इंजन विफलता का कोई व्यापक पैटर्न सामने नहीं आया है. वाहन निर्माताओं के सहयोग से सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) तथा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बड़े स्तर पर किए गए  परीक्षणों के बाद ही ई20 को स्वीकृति दी गई है.

सवाल- इथेनॉल हाई प्रदर्शन वाला ईंधन नहीं है और इससे वाहन के प्रदर्शन में कमी आती है

जवाब – इथेनॉल एक हाई ऑक्टेन ईंधन है, जिसकी अनुसंधान ऑक्टेन संख्या (आरओएन) लगभग 108.5 है, जबकि पेट्रोल की यह संख्या लगभग 84.4 होती है. ई20 भारतीय पेट्रोल की प्रभावी ऑक्टेन संख्या को बढ़ाकर लगभग 95 तक पहुंचा देता है, जिससे आधुनिक इंजनों में दहन प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है. ई20 के अनुरूप कैलिब्रेट किए गए वाहन बेहतर त्वरण (एक्सेलेरेशन), अधिक सुगम प्रदर्शन और कम उत्सर्जन कर सकते हैं.

सवाल- ई20 से संबंधित क्षति के मामलों में बीमा कंपनियां दावा स्वीकार नहीं करतीं

जवाब – बीमा कंपनियों तथा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) ने स्पष्ट किया है कि भारत में ई20 के उपयोग का बीमा या वारंटी की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि विनिर्देशों के अनुरूप ई20 का उपयोग करने वाले वाहनों की वारंटी का सम्मान किया जाएगा.

सवाल – इथेनॉल मिश्रित ईंधन सस्ता होना चाहिए, लेकिन सरकार मूल्य का अंतर अपने पास रख रही

जवाब – इस दावे के समर्थन में वायरल की जा रही नीति आयोग की रिपोर्ट वर्ष 2020-21 की है, जब इथेनॉल वास्तव में पेट्रोल की तुलना में सस्ता था. इसके बाद इथेनॉल की खरीद लागत पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है, फिर भी ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय लाभ और किसानों की आय में वृद्धि जैसे दीर्घकालिक लाभों को देखते हुए इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम जारी रखा गया है.

सवाल – सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में कहा कि ई20 केवल एक ‘प्रयोग’ है

जवाब- यह मामला इथेनॉल खरीद अनुबंधों से संबंधित था, न कि ई20 की उपयोगिता या उपयुक्तता से. 30 जून 2026 को अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि ई20 को केवल ‘प्रयोग’ बताए जाने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है.

सवाल – गन्ने का रस सीधे पेट्रोल में मिला दिया जाता है

जवाब- पेट्रोल में कच्चा रस मिलाते हुए दिखाए जाने वाले वायरल वीडियो भ्रामक हैं. इथेनॉल का उत्पादन फर्मेंटेशन और औद्योगिक प्रॉसेसिंग प्रक्रिया से किया जाता है, जिससे उसके गुण पूरी तरह परिवर्तित हो जाते हैं. पेट्रोल में मिश्रण से पहले उसे ईंधन गुणवत्ता से संबंधित कड़े रेगुलेशंस को पूरा करना जरूरी होता है.

सवाल- एक लीटर इथेनॉल के उत्पादन में 10,000 लीटर पानी की खपत होती है

जवाब- एक लीटर इथेनॉल के उत्पादन में इथेनॉल प्लांट में केवल 3 से 5 लीटर प्रॉसेस पानी का इस्तेमाल होता है. आधुनिक आसवनी (डिस्टिलरी) प्लांट ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली पर काम करते हैं. धान की खेती में इस्तेमाल होने वाला पूरा वाटर फुटप्रिंट को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है. इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल वही सरप्लस चावल उपयोग में लाया जाता है, जिसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जरूरों की पूरा करने के बाद उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) की ओर से निर्धारित और अनुमोदित किया जाता है.

सुवाल- ई20 में चीनी होने से चींटियां और मधुमक्खियां ईंधन टैंक के ढक्कन के आसपास इकट्ठी हो जाती हैं

जवाब- ईंधन-ग्रेड इथेनॉल डिस्टिलरी प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिसमें शर्करा पूरी तरह समाप्त हो जाती है. इसमें कीट प्रतिरोधी विकृतीकारक (डिनैचुरेंट) मिलाए जाते हैं, पेट्रोल की गंध प्रमुख रहती है और ई20 से सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम भाप बनती है. इसलिये यह दावा सही नहीं है.

सवाल – इथेनॉल से फ्यूल टैंक खराब हो जाता है

जवाब- ईंधन टैंक में पानी का प्रवेश रोकना प्रत्येक वाहन की मूलभूत अभिकल्पना का हिस्सा होता है, चाहे उसमें इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जाए या नहीं. आधुनिक वाहनों में ईंधन टैंक में पानी के प्रवेश को रोकने के लिए उपयुक्त डिजाइन विशेषताएं और सुरक्षा प्रावधान उपलब्ध होते हैं.

सवाल- इथेनॉल मिश्रण प्रोग्राम से किसानों को 1.60 लाख करोड़ की अतिरिक्त कमाई हुई

जवाब- भारत अपनी जरूरत के लगभग 88.5 फीसदी कच्चे तेल का आयात करता है. यही एक तथ्य स्पष्ट कर देता है कि क्‍यों इथेनॉल मिश्रण को नीति निर्धारण में इतना अधिक महत्व दिया गया है. देश में उत्पादित गन्ना, मक्का और चावल से निर्मित इथेनॉल देश में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए इस निर्भरता को कम करने का एक प्रभावी माध्यम बनता है. किसानों से मक्का, चावल, गन्ना की अतिरिक्त खरीद इथेनॉल बनाने के लिए की जाती है. इथेनॉल प्रोग्राम के जरिए 2014-15 से मई 2026 तक 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को अतिरिक्त कमाई हुई है.

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