Egg Vs Soya And Paneer: अंडा खाना बेहतर है या शाकाहारी प्रोटीन? यह बहस एक बार फिर चर्चा में है. इसकी वजह पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील को लेकर सामने आई खबर है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार कोलकाता नगर निगम (KMC) के तहत स्कूली बच्चों के मिड-डे मील में अंडे की जगह सोया चंक्स, पनीर, दाल और दूसरे शाकाहारी विकल्प शामिल कर सकती है. इसके बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि क्या ये चीजें अंडे की बराबरी कर सकती हैं? आइए जानते हैं कि बच्चों की सेहत के लिए अंडा और शाकाहारी प्रोटीन में क्या अंतर है और एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं.
बच्चों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है अंडा?
मिन्ट की रिपोर्ट में, आर्टेमिस हॉस्पिटल की क्लीनिकल न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. शबाना परवीन ने बताया कि, अंडा बच्चों के लिए सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है. अंडे में अच्छी क्वालिटी वाला प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन B12, विटामिन D, आयरन, कोलीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये सभी बच्चों के दिमाग के विकास, मांसपेशियों की मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता और आंखों की सेहत के लिए जरूरी होते हैं.
क्या सोया और पनीर अंडे की जगह ले सकते हैं?
डॉ. परवीन का कहना है कि, कोई भी एक शाकाहारी खाद्य पदार्थ अंडे के सभी पोषक तत्वों की पूरी तरह बराबरी नहीं कर सकता. हालांकि, अगर भोजन की सही योजना बनाई जाए, तो शाकाहारी बच्चे भी पूरी पोषण जरूरत पूरी कर सकते हैं. इसके लिए सोयाबीन, सोया चंक्स, पनीर, दूध, दही, दालें, राजमा, चना, मेवे और बीज जैसी चीजों को रोज के भोजन में शामिल करना जरूरी है. एक संतुलित शाकाहारी भोजन बच्चों को पर्याप्त प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व दे सकता है.
बच्चों को रोज कितने प्रोटीन की जरूरत होती है?
| बच्चे की उम्र | रोजाना प्रोटीन की जरूरत | प्रोटीन के अच्छे स्रोत |
|---|---|---|
| 1 से 3 साल | करीब 13 ग्राम | अनाज, दालें, दूध, दही, पनीर, सोया, मेवे और बीज |
| 4 से 8 साल | करीब 19 ग्राम | अनाज, दालें, दूध, दही, पनीर, सोया, मेवे और बीज |
| 9 साल और उससे बड़े बच्चे | 34 ग्राम या उससे अधिक | अनाज, दालें, दूध, दही, पनीर, सोया, मेवे और बीज |
सिर्फ प्रोटीन नहीं, पूरा पोषण है जरूरी
मिड-डे मील में अंडे की जगह पनीर और सोया देने को लेकर चल रही बहस के बीच इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा कि, 100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 52 से 54 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम अंडे में लगभग 13 ग्राम प्रोटीन मिलता है. वहीं दालों में करीब 25 ग्राम और पनीर में लगभग 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है.
#WATCH | Kolkata | On West Bengal mid-day meal replacing egg with paneer and soybean, ISKCON Kolkata Vice President and spokesperson Radharaman Das says, “100 grams of egg contains 13 grams of protein. In contrast, 100 grams of soya chunks contains 52 to 54 grams of protein,… pic.twitter.com/9elAAEO9qw
— ANI (@ANI) June 27, 2026
हालांकि डॉ. शबाना परवीन के अनुसार, 100 ग्राम सूखे सोया चंक्स में 50-52 ग्राम, सूखी दाल में 24-26 ग्राम, पनीर में 18-22 ग्राम और 100 ग्राम अंडे में करीब 13 ग्राम प्रोटीन होता है. उन्होंने कहा कि, सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखकर किसी खाद्य पदार्थ को बेहतर नहीं कहा जा सकता. अंडे में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन, विटामिन B12, विटामिन D और कोलीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जबकि सोया, दाल और पनीर भी कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं. इसलिए संतुलित आहार सबसे ज्यादा जरूरी है.
तुलना करते समय रखें यह बात ध्यान में
अंडा, सोया और दूसरे खाद्य पदार्थों की तुलना अक्सर 100 ग्राम के हिसाब से की जाती है. लेकिन असल जिंदगी में लोग हर चीज इतनी मात्रा में नहीं खाते. करीब 100 ग्राम अंडा यानी लगभग दो मध्यम आकार के अंडे होते हैं, जबकि 100 ग्राम सूखा सोया चंक्स पकने के बाद काफी बड़ी मात्रा बन जाता है. इसलिए केवल प्रोटीन के आंकड़ों के आधार पर फैसला करना सही नहीं होगा.
संतुलित भोजन ही सबसे बेहतर विकल्प
बच्चों की अच्छी सेहत के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार लेना जरूरी है. अगर बच्चे अंडा खाते हैं तो वह एक अच्छा विकल्प है. वहीं शाकाहारी बच्चों के लिए सोया, दाल, पनीर, दूध, दही और मेवों को मिलाकर बनाया गया संतुलित भोजन भी उनकी पोषण जरूरतों को पूरा कर सकता है.