मूंग की पराली जलाते पकड़े गए किसान, मोटा जुर्माना लगा और सरकारी योजना से बाहर होंगे 

Stubble Burning Cases: अधिकारियों ने किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और वैकल्पिक प्रबंधन उपायों की जानकारी भी दी जा रही है. प्रशासन ने किसानों से खेतों में नरवाई नहीं जलाने की अपील की है.

Kisan India
नोएडा | Published: 15 Jun, 2026 | 03:32 PM

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में तमाम प्रयासों और जागरूकता अभियानों के बावजूद पराली (नरवाई) जलाने के मामले फिर से देखे जा रही हैं. अप्रैल में 100 से ज्यादा किसानों पर पराली जलाने के मामले में कार्रवाई की गई थी. अब मूंग की नरवाई जलाते पकड़े गए किसानों पर कार्रवाई की गई है. कृषि एवं राजस्व विभाग ने कहा है कि इलाके में दलहन फसलों की कटाई की जा रही है, जिसके चलते मामले देखे जा रही हैं. रोकथाम के लिए अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है.

दोषी पाए गए 3 किसानों पर लगा जुर्माना

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नरवाई जलाने के कई मामले पकड़े गए हैं. इनके लिए 3 किसानों को दोषी पाया गया है. खेतों में नरवाई जलाने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए नर्मदापुरम जिले के माखननगर ब्लॉक के आंचलखेड़ा गांव के तीन किसानों पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया है. नर्मदापुरम एसडीएम द्वारा जानकारी जुटाने के बाद संबंधित किसानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई.

मूंग की कटाई के बाद जला दिए फसल अवशेष

जिले में मूंग की फसल की कटाई शुरू होने के साथ ही कुछ स्थानों पर फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आ रहे हैं. प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद पवारखेड़ा बायपास क्षेत्र के कुछ खेतों में भी नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आईं. ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. नरवाई जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कृषि और राजस्व विभाग का अमला लगातार निगरानी कर रहा है.

मिट्टी और पर्यावरण को भारी नुकसान

अधिकारियों ने किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और वैकल्पिक प्रबंधन उपायों की जानकारी भी दी जा रही है. प्रशासन ने किसानों से खेतों में नरवाई नहीं जलाने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी के लिए लाभकारी जीव एवं सूक्ष्म तत्व नष्ट होते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है. किसानों को फसल अवशेषों के सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीके अपनाने की सलाह दी गई है.

नरवाई जलाने पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना

नर्मदापुरम, खरगोन समेत अन्य जिलों में नरवाई जलाने के मामले देखे गए हैं. कृषि भूमि को होने वाले नुकसान और पर्यावरण को पहुंचने वाली क्षति के दृष्टिगत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के प्रावधानों के तहत जिले में नरवाई जलाने पर 2500 रुपये से 15 हजार रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है. उप संचालक कृषि एसएस राजपूत ने बयान में कहा कि नरवाई जलाने पर छोटे भूमि स्वामियों (जिनकी भूमि 2 एकड़ से कम है) को प्रति घटना 2500 रुपये, जिनकी भूमि 2 एकड़ से अधिक एवं 5 एकड़ से कम है उन्हें 5000 रुपये तथा जिनकी भूमि 5 एकड़ या उससे अधिक है उन्हें 15 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति का जुर्माना देना होगा. वहीं, पीएम किसान, फसल बीमा और लोन माफी जैसी योजनाओं से ऐसे किसानों को बाहर रखने का भी प्रावधान किया गया है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़