Cow Rearing: जब भी गाय की बात होती है, तो लोगों के जेहन में सबसे पहले यह तस्वीर उभरकर सामने आती है कि दूध में फैट की मात्रा कम होगी. ऐसे में घी का उत्पादन भी बहुत कम होगा. लेकिन आज हम एक ऐसी देसी गाय की नस्ल के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिसके दूध में फैट की मात्रा सामान्य देसी गायों के मुकाबले बहुत अधिक होती है. ऐसे में किसान इस देसी नस्ल की गाय का पालन करते हैं, तो घर में घी की कमी नहीं होगी. खास यह है कि यह गाय दूध भी बहुत अधिक देती है. तो आइए जानते हैं इस गाय के बार में.
दरअसल, हम जिस देसी गाय के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह साहीवाल नस्ल की गाय है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में किसान इसका पालन कर रहे हैं. यह साहीवाल नस्ल की गाय 20 से 25 लीटर दूध देती है और लगभग 10 महीने तक लगातार दुग्ध उत्पादन करती है. इसी वजह से डेयरी और देसी घी के व्यवसाय के लिए इसे बेहद लाभदायक माना जाता है.
2500 रुपये किलो बिकता है घी
साहीवाल गाय भारत की बेहतरीन नस्लों में गिनी जाती है, जो हरियाणा और मध्य प्रदेश में ज्यादा पाई जाती है. लेकिन उत्तर प्रदेश में भी आसानी से पाली जा सकती है. उसके घी की खासित है कि इसकी 100 फीसदी शुद्धता है, जिस कारण इसकी मांग बहुत ज्यादा है. मार्केट में इस गाय का घी 2500 प्रति किलो तक बिकता है. क्योंकि साहीवाल गाय के दूध से बना घी अपनी बेहतरीन शुद्धता, खुशबू, स्वाद और पोषण के लिए खास माना जाता है. यह नस्ल काफी कीमती होती है और एक साहीवाल गाय की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है.
35 लीटर दूध से निकलेगा 1 किलो घी
साहीवाल के दूध से घी बनाने में ज्यादा दूध नहीं लगता है, क्योंकि 1 किलो घी तैयार करने के लिए करीब 35 लीटर दूध की जरूरत होती है. दूध की अधिक खपत और उच्च गुणवत्ता के कारण इसकी लागत बढ़ जाती है, इसी वजह से साहीवाल गाय का घी बाजार में महंगे दाम पर बिकता है. इस गाय के दूध से घी निकलाने का भी एक खास तरीका है. सबसे पहले दूध को मिट्टी की हांडी में कई घंटे तक हल्की आंच पर गर्म किया जाता है. फिर उससे दही जमाई जाती है. अगली सुबह दही को मथकर मक्खन निकाला जाता है. इसके बाद मक्खन को धीमी आंच पर पकाकर शुद्ध और सुगंधित देसी घी तैयार किया जाता है.