Garmi Me Bhains Palan Ke Tips: गर्मी शुरू होते ही भैंसों पर लू और तेज धूप का असर साफ दिखने लगता है. ऐसे में दूध उत्पादन 10-15% तक कम हो सकता है, जिससे पशुपालकों की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है. कृषि विज्ञान केंद्र नोएडा के पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम बताते हैं कि गर्मी में भैंसों के खान-पान और पानी पर खास ध्यान जरूरी है.
1% नमक क्यों है जरूरी?
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, गर्मी में भैंस के शरीर से पसीने और सांस के जरिए खनिज लवण (मिनरल) की कमी हो जाती है. इसे पूरा करने के लिए आहार में करीब 1% नमक मिलाना फायदेमंद माना जाता है. सीधी भाषा में समझें तो अगर आप 10 किलो चारा दे रहे हैं, तो उसमें लगभग 100 ग्राम नमक मिलाया जा सकता है (जरूरत और पशु की हालत के अनुसार मात्रा तय करें). इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है, भूख बेहतर लगती है और दूध उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ता है.
खली-चोकर मिलाकर दें संतुलित आहार
गर्मी में भैंस को भारी और ज्यादा गरम तासीर वाला आहार एक साथ देने से बचें. बेहतर होगा कि आप खली और चोकर मिलाकर संतुलित दाना तैयार करें.
- सरसों या मूंगफली की खली ऊर्जा और प्रोटीन देती है.
- गेहूं का चोकर पाचन को ठीक रखता है.
दोनों को मिलाकर देने से भैंस को जरूरी पोषण मिलता है और दूध की मात्रा में गिरावट कम होती है. इसके साथ हरा चारा (जैसे नेपियर घास या बरसीम) भी जरूर शामिल करें, ताकि शरीर को ठंडक मिलती रहे.
आवश्यकतानुसार पानी देना सबसे अहम
गर्मी में सबसे ज्यादा ध्यान पानी पर देना चाहिए. एक दुधारू भैंस को रोज लगभग 60-80 लीटर साफ और ठंडा पानी चाहिए.
- दिन में 3-4 बार पानी पिलाएं.
- पानी के बर्तन को छाया में रखें.
- अगर संभव हो तो भैंस को नहलाएं या तालाब में बैठने दें.
पानी की कमी से हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे भैंस हांफने लगती है, खाना कम कर देती है और दूध घट जाता है.
पशुओं को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में साफ और ताजा पानी देने से वे हाइड्रेटेड रहते हैं, पाचन बेहतर होता है और दूध उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। #स्वस्थपशु #पशुपालन #डेयरीफार्मिंग #दूधउत्पादन #AnimalHusbandry #DairyFarming pic.twitter.com/qHkhUrFoSW
— Dept of Animal Husbandry & Dairying, Min of FAH&D (@Dept_of_AHD) February 26, 2026
हीट स्ट्रेस के संकेत पहचानें
- तेज सांस लेना
- सुस्ती या कमजोरी या भूख कम लगना
- दूध में अचानक कमी
ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लें.
पशुशाला में रखें ठंडक
भैंसों के रहने की जगह हवादार होनी चाहिए. छत पर सफेदी, पंखा या कूलर, और फर्श पर पानी का छिड़काव करने से तापमान कम रहता है. इससे भैंस आराम में रहती है और दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है. गर्मी में भैंसों को स्वस्थ रखने के लिए आहार में 1% नमक, खली-चोकर का संतुलित मिश्रण और पर्याप्त पानी देना बेहद जरूरी है. सही देखभाल से दूध की कमी को रोका जा सकता है और पशुपालक अपनी आय को सुरक्षित रख सकते हैं.