Dairy Farming: गर्मी और बरसात के मौसम में मक्खी और मच्छर सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी बड़ी परेशानी बन जाते हैं. ये छोटे-छोटे कीट धीरे-धीरे पशुओं की सेहत को खराब कर देते हैं और दूध उत्पादन पर सीधा असर डालते हैं. कई बार किसान समझ ही नहीं पाते कि दूध कम क्यों हो रहा है. ऐसे में पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK नोएडा) ने कुछ आसान और असरदार उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं.
मक्खी-मच्छर बनते हैं साइलेंट किलर, दूध उत्पादन पर सीधा असर
पशु चिकित्सक के अनुसार, मक्खी और मच्छर केवल परेशान नहीं करते, बल्कि ये पशुओं के लिए साइलेंट किलर की तरह काम करते हैं. इनके काटने से पशु हमेशा तनाव में रहते हैं, जिससे उनके शरीर में एक खास हॉर्मोन बढ़ जाता है. इसका सीधा असर उनकी भूख पर पड़ता है और वे कम खाना खाते हैं. जब पशु कम खाएंगे, तो दूध भी कम बनेगा. कई मामलों में दूध उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक घट जाता है. इतना ही नहीं, ये कीट लंपी स्किन डिजीज, सर्रा और थिलेरियोसिस जैसी खतरनाक बीमारियां भी फैलाते हैं, जिससे पशुओं की जान तक खतरे में पड़ सकती है.
सफाई ही सबसे बड़ा बचाव, बाड़े का सही रखें ध्यान
मक्खी-मच्छरों से बचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है साफ-सफाई. बाड़े को हमेशा सूखा और साफ रखना बहुत जरूरी है. फर्श ऐसा होना चाहिए कि गोमूत्र तुरंत बाहर निकल जाए और पानी जमा न हो. दिन में 2-3 बार गोबर हटाना चाहिए, ताकि मक्खियां वहां न पनप सकें. जहां गोबर रखा जाता है, वहां धूप आनी चाहिए, क्योंकि धूप प्राकृतिक तरीके से कीटाणुओं को खत्म करती है. अगर बाड़े के आसपास पानी जमा हो रहा है, तो उसमें थोड़ा मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन ऑयल डाल सकते हैं. इससे मच्छरों के लार्वा खत्म हो जाते हैं और उनकी संख्या कम हो जाती है.
नीम-कपूर का देसी इलाज, घर पर बनाएं असरदार स्प्रे
मक्खी-मच्छरों से बचाने के लिए देसी उपाय भी काफी कारगर होते हैं. नीम को प्राकृतिक कीटनाशक माना जाता है. किसान घर पर ही आसान स्प्रे बना सकते हैं. इसके लिए नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसमें नीम का तेल और थोड़ा साबुन मिलाएं. इस मिश्रण को पशुओं के शरीर पर छिड़काव करें. इससे कीट दूर रहते हैं. इसके अलावा कपूर और अजवाइन का पानी भी बहुत फायदेमंद होता है. सरसों के तेल में कपूर मिलाकर पशु की पीठ और पैरों पर लगाने से मक्खी-मच्छर पास नहीं आते. ध्यान रखें कि ये उपाय सस्ते भी हैं और पूरी तरह सुरक्षित भी.
धुनी और आधुनिक तकनीक से मिलेगा डबल फायदा
कई लोग धुआं करने के लिए प्लास्टिक या टायर जलाते हैं, जो बहुत नुकसानदायक होता है. इसके बजाय सूखे उपलों का इस्तेमाल करें और उसमें नीम की पत्तियां, अजवाइन, लोबान और गुग्गुल डालें. इससे निकलने वाला धुआं मच्छरों को भगाता है और पशुओं को नुकसान भी नहीं पहुंचाता. धुनी देने का सबसे सही समय शाम का होता है, जब मच्छर ज्यादा सक्रिय होते हैं. इसके अलावा आधुनिक तरीके भी अपनाए जा सकते हैं. जैसे येलो स्टिकी ट्रैप लगाने से मक्खियां खुद उसमें फंस जाती हैं. तेज पंखे चलाने से मच्छर पशुओं तक नहीं पहुंच पाते. बाड़े के आसपास गेंदा, तुलसी और लेमन ग्रास के पौधे लगाने से भी कीट दूर रहते हैं. अगर पास में तालाब है, तो उसमें गंबूसिया मछली छोड़ने से मच्छरों के लार्वा खत्म हो जाते हैं.