साल 2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए किसान आंदोलन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई में घायल, बीमार हुए किसानों को मुफ्त इलाज करने वाली संस्था फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन ने अब जंतर मंतर पर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन में फ्री चिकित्सा सेवा देने की शुरूआत कर दी है. संस्था के मेडिकल कैंप ऑर्गनाइजर अमृतपाल सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि जंतर-मंतर पर हमारे स्वयंसेवी चिकित्सक मौजूद हैं और इमर्जेंसी के लिए एंबुलेंस सेवा भी है. चिकित्सक ऐसे लोगों का उपचार कर रहे हैं जिनके हाथ-पैर सूज गये हैं या कट-छिल गये हैं अथवा वे बुखार या डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं. वहीं, खाने-पीने की चीजें भी स्वयंसेवी उपलब्ध करा रहे हैं.
स्वयंसेवी चिकित्सकों ने संभाला मोर्चा
अमृतपाल सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि प्रदर्शन स्थल पर भाषणों और नारों के बीच दिल्ली और आसपास के राज्यों से आए चिकित्सक अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र चला रहे हैं. उनका कहना है कि वे अपने कर्तव्य की भावना से यह सेवा दे रहे हैं. कुछ चिकित्सक दवाइयों, पट्टियों और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ओआरएस) बैग में लेकर भीड़ के बीच जा रहे हैं, जबकि अन्य प्रदर्शन स्थल के पास खड़ी एंबुलेंस में मौजूद रहकर बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ या अन्य आपात स्थिति में आये लोगों का तुरंत सहायता उपलब्ध करा रहे हैं.
किसान आंदोलन में भी चिकित्सा सेवा दी थी
इन स्वयंसेवकों में अमेरिका में कार्यरत चिकित्सक स्वैमन सिंह से संबद्ध गैर-सरकारी संगठन ‘फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन’ के सदस्य भी शामिल हैं. इस संगठन ने वर्ष 2021 के किसान आंदोलन के दौरान भी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई थी. संगठन के स्वयंसेवक अमृतपाल सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि सोमवार को हुई झड़पों के वीडियो और घायलों की खबरें देखने के बाद उनकी टीम एंबुलेंस के साथ जंतर-मंतर पहुंची.
उन्होंने कहा कि उनकी टीम मार्च वाले दिन से ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद है और कटने-छिलने, चोट, हाथ-पैर में सूजन, डिहाइड्रेशन, बुखार और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों का उपचार कर रही है.

जंतर मंतर पर मेडिकल कैंप (पहली तस्वीर). 2020 में किसान आंदोलन के दौरान चिकित्सा सेवा दी. (दूसरी तस्वीर)
चोट, बुखार, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत झेल रहे युवा
संगठन के स्वयंसेवक अमृतपाल सिंह ने उन्होंने कहा कि कई लोग अब भी मार्च के दौरान लगी चोटों के साथ आ रहे हैं. बारिश में लंबे समय तक रहने के कारण कई लोगों को बुखार हो गया है. कुछ लोग थकावट के कारण सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं. जो भी हमारे पास आता है, हम उसका उपचार करने का प्रयास करते हैं. उन्होंने बताया कि कई प्रदर्शनकारी अस्पताल जाने से बचते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग दिल्ली से बाहर के हैं और उन्हें अस्पतालों की जानकारी नहीं है. कुछ प्रदर्शन छोड़कर जाना ही नहीं चाहते. ऐसे में हम यहीं प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हैं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल जाने की सलाह देते हैं.
आज भी कई लोग सूजे हुए पैरों, कटने-छिलने और अन्य चोटों के साथ आ रहे हैं. मौसम और बारिश में लंबे समय तक रहने के कारण कुछ लोगों को बुखार भी है. उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक पूरे दिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं.
बीमार प्रदर्शनकारियों की लगातार देखरेख
उन्होंने कहा कि हम लगातार ऐसे लोगों पर नजर रखते हैं जिनकी तबीयत ठीक नहीं लगती. यदि किसी को चक्कर आते हैं या सांस लेने में परेशानी होती है तो हम तुरंत उसकी मदद करते हैं या उसे एंबुलेंस तक पहुंचाते हैं. हमारी कोशिश है कि किसी भी जरूरतमंद को यह महसूस न हो कि चिकित्सा सहायता के लिए वह अकेला है. प्रदर्शन स्थल पर अब स्वयंसेवी चिकित्सक के रक्तचाप की जांच करते, घाव साफ करते, दवाइयां बांटते और तिरपाल या छाते के नीचे बैठे लोगों को ओआरएस के पैकेट वितरित करते हुए दृश्य आम हैं.
50 चिकित्सक युवाओं का इलाज कर रहे- डॉ. स्वैमन सिंह
‘फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन’ के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. स्वैमन सिंह ने पीटीआई को बताया कि दिल्ली में लगभग 50 चिकित्सकों की टीम सेवा दे रही है, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सामान्य शल्य चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी, फार्मासिस्ट और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि 2020 के किसान आंदोलन के दौरान भी घायल और बीमार किसानों के लिए उनकी संस्था ने चिकित्सीय सेवाएं दी थीं.