Gold-Silver Rate: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए हफ्ते की शुरुआत थोड़ी राहत भरी रही है. 11 मई को देश के कई बड़े शहरों में गोल्ड और सिल्वर के दाम में हल्की गिरावट देखने को मिली. हालांकि पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं, लेकिन सोमवार को बाजार थोड़ा शांत नजर आया.
दूसरी तरफ, दुनिया भर में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी सोना-चांदी के बाजार पर पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में जो लोग शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, वे फिलहाल बाजार पर नजर बनाए हुए हैं.
दिल्ली से मुंबई तक घटे सोने के दाम
| शहर | 22 कैरेट (₹) | 24 कैरेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 139790 | 152490 |
| मुंबई | 139640 | 152340 |
| अहमदाबाद | 139690 | 152390 |
| चेन्नई | 141490 | 154360 |
| कोलकाता | 139640 | 152340 |
| हैदराबाद | 139640 | 152340 |
| जयपुर | 139790 | 152490 |
| भोपाल | 139690 | 152390 |
| लखनऊ | 139790 | 152490 |
| चंडीगढ़ | 139790 | 152490 |
एक हफ्ते में तेजी के बाद आई नरमी
हालांकि सोमवार को कीमतों में गिरावट देखी गई, लेकिन बीते एक सप्ताह में सोने के दाम में अच्छी बढ़ोतरी हुई थी. 24 कैरेट गोल्ड करीब 1,640 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ, जबकि 22 कैरेट सोने में लगभग 1,500 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. यही वजह है कि बीच-बीच में गिरावट के बावजूद सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.
चांदी की कीमत में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है. 11 मई की सुबह चांदी का भाव 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया. पिछले एक सप्ताह में चांदी करीब 10,000 रुपये सस्ती हुई है. हालांकि इस साल जनवरी में चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छूते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर लिया था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी फिलहाल 81.14 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है.
क्यों बदलते रहते हैं सोने-चांदी के दाम?
देश में सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग और सप्लाई से तय नहीं होतीं. इन पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत, कच्चे तेल के दाम, ब्याज दरें और वैश्विक राजनीतिक हालात का भी बड़ा असर पड़ता है.
अगर दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर भारतीय बाजार में भी तुरंत दिखाई देता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञ लंबी अवधि के निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी फिर महंगे हो सकते हैं. ऐसे में जो लोग निवेश या शादी के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय बाजार पर नजर बनाए रखने का हो सकता है.