गेहूं किसानों के लिए केंद्र का बड़ा निर्णय.. 25 लाख मीट्रिक टन निर्यात को मंजूरी दी, पढ़ें डिटेल्स

Centre Allows Wheat Export: केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात को मंजूरी दे दी है. इस साल जनवरी, फरवरी के बाद तीसरा मौका है जब गेहूं निर्यात को खोला गया है. सरकार का कहना है कि गेहूं की ज्यादा आवक को देखते हुए घरेलू बाजार कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी और किसानों को एमएसपी का लाभ मिलेगा और निजी प्लेयर्स सस्ते दाम में खरीद का दबाव नहीं बना पाएंगे.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 20 Apr, 2026 | 08:45 PM

घरेलू बाजार में किसानों को गेहूं का सही भाव दिलाने के लिए केंद्र सरकार निर्यात खोल दिया है. मंडियों में बड़ी गेहूं की आवक के चलते निजी प्लेयर्स एमएसपी से कम भाव पर किसानों का गेहूं खरीद रहे हैं. ऐसे में किसानों को नुकसान हो रहा है और सरकार का एमएसपी देने के दावे को झटका लग रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार ने 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं निर्यात को मंजूरी दे दी है. इस साल यह तीसरी बार है जब केंद्र ने गेहूं निर्यात खोला है.

25 लाख मीट्रिक टन गेहूं निर्यात को मंजूरी

केंद्र सरकार ने किसानों के हितों के समर्थन और बाजार में गेहूं का भाव स्थिर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात को मंजूरी दे दी है. उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सरकार ने अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं के निर्यात को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को लाभकारी मूल्य देने की वचनबद्धता को पूरा किया जाता रहे. इसके साथ ही घरेलू बाजारों में स्थिरता बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया है. यह निर्णय वर्तमान उत्पादन, उपलब्ध भंडार और मूल्य प्रवृत्तियों की समीक्षा के बाद लिया गया है.

इस सीजन 6 लाख हेक्टेयर बढ़ा है गेहूं का रकबा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार रबी 2026 मौसम के दौरान गेहूं का रकबा बढ़कर लगभग 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 328.04 लाख हेक्टेयर था. यह बढ़ोत्तरी गेहूं की खेती के लिए किसानों के मजबूत विश्वास को दिखाती है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलने और मजबूत खरीद तंत्र का समर्थन मिलना भी है. इसके साथ ही बंपर फसल उत्पादन के अनुमानों को सकारात्मक बदल मिला है.

रिकॉर्ड 1202 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अनुमान

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से 10 मार्च 2026 को जारी दूसरे अग्रिम उत्पादन आकलन में कहा गया है कि वर्ष 2025–26 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान 1202 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है. उत्पादन के अनुकूल होने और भंडारण की अच्छी उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त निर्यात की अनुमति देना उपयुक्त कदम माना जा रहा है.

अब तक 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पाद निर्यात को मंजूरी

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इससे पहले जनवरी 2026 में 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी. इसके बाद फरवरी 2026 में अतिरिक्त 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के साथ ही 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात को भी स्वीकृति दी गई थी. ताजा फैसले के साथ अब कुल 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी जा चुकी है.

सरकार के निर्यात मंजूरी के फैसले से क्या फायदा होगा

अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात की मंजूरी देने का यह निर्णय बाजार में तरलता को बढ़ाने, भंडार के प्रबंधन को सुगम बनाने के साथ ही अत्यधिक आवक के दौरान संकटपूर्ण बिक्री को रोकने का कदम है. यह घरेलू बाजार में गेहूं के भाव को स्थिर रखने और किसानों की कमाई को मजबूत करने में भी सहायक होगा. इसके साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत बनी रहेगी.

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