किसान महापंचायत से पहले गुरनाम सिंह चढूनी हिरासत में, देशभर में टोल प्लाजा जाम करने का ऐलान

Farmers Mahapanchayat: 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत से पहले किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. किसानों के अनुसार, सरदार गुरनाम सिंह चढूनी समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इसके विरोध में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में टोल प्लाजा जाम करने का ऐलान किया गया है.

नोएडा | Updated On: 20 Jul, 2026 | 08:23 PM

Kisan Ghat Maha Panchayat: 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली किसान महापंचायत से पहले माहौल पूरी तरह गरमा गया है. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद किसानों में भारी नाराजगी है. इसके विरोध में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में किसानों ने टोल प्लाजा जाम करने का ऐलान कर दिया है. किसान संगठनों का आरोप है कि महापंचायत को रोकने के लिए उनके नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है. ऐसे में महापंचायत से पहले ही आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है और कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.

किसान नेता हिरासत में, बढ़ा विरोध

किसानों के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढ़ूनी को हरियाणा के पिहोवा से पुलिस ने हिरासत में लिया है. किसानों का यह भी दावा है कि कई अन्य किसान नेताओं को भी अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

सरवन सिंह पंधेर की सरकार से मांग

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि, हरियाणा सरकार ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को गिरफ्तार कर गलत कदम उठाया है. उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मांग की कि चढ़ूनी और टोल प्लाजा पर हिरासत में लिए गए सभी किसानों को तुरंत रिहा किया जाए. .उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को किसान घाट पर होने वाला कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और चार घंटे तक चलेगा. उनका कहना था कि किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए देश की राजधानी जा रहे हैं और सरकार को उन्हें यह अधिकार देना चाहिए.

टोल प्लाजा पर प्रदर्शन का ऐलान

किसान संगठनों ने सरकार की कार्रवाई के विरोध में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसानों से अपने-अपने नजदीकी टोल प्लाजा पर पहुंचने की अपील की है. सोशल मीडिया के जरिए भी किसानों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का संदेश दिया गया है.

कई जगहों पर किसान सड़क पर उतर चुके हैं और नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि, महापंचायत को रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिसे किसान स्वीकार नहीं करेंगे.

जंतर-मंतर की घटना पर भी जताया विरोध

किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया है. किसान संगठनों का कहना है कि युवा काफी समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग किया गया. किसानों का दावा है कि किसान नेता सुखविंदर सिंह बिंदर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया गया है. उनका कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है.

महापंचायत को लेकर बढ़ी हलचल

21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली किसान महापंचायत को लेकर देश के कई राज्यों में हलचल बढ़ गई है. किसान संगठन बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली पहुंचने का दावा कर रहे हैं. दूसरी ओर, किसान नेताओं की हिरासत के बाद आंदोलन और तेज होता दिखाई दे रहा है. फिलहाल किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन और व्यापक किया जाएगा. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया और महापंचायत को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है.

Published: 20 Jul, 2026 | 06:19 PM

Topics: