लद्दाख की खुबानी अब पहुंचेगी दुबई, 14 जुलाई से शुरू होगा निर्यात.. 1000 टन है लक्ष्य
लद्दाख की ताजा खुबानी पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने जा रही है. 14 जुलाई को पहली खेप दुबई भेजी जाएगी और इस सीजन में 1,000 मीट्रिक टन निर्यात का लक्ष्य रखा गया है. बेहतर गुणवत्ता, कोल्ड चेन और वैज्ञानिक पैकेजिंग के जरिए किसानों को नए बाजार और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.
Ladakh Apricot: लद्दाख के बागवानी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल साबित होने जा रही है. पहली बार लद्दाख से ताजा खुबानी (Apricot) का बड़ा निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई के लिए किया जाएगा. पहली खेप 14 जुलाई को विशेष कार्गो विमान से रवाना होगी. इस सीजन में करीब 1,000 मीट्रिक टन ताजा खुबानी निर्यात करने का लक्ष्य रखा गया है. इस पहल से लद्दाख के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है.
14 जुलाई को दुबई पहुंचेगी पहली खेप
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पहली खेप को लद्दाख से प्रशीतित (रेफ्रिजरेटेड) वाहनों के जरिए सड़क मार्ग से दिल्ली लाया जाएगा. इसके बाद 14 जुलाई को विशेष कार्गो विमान के माध्यम से इसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई भेजा जाएगा. यह निर्यात लुलु ग्रुप (LuLu Group) को किया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य उत्पादों की बड़ी रिटेल श्रृंखला है. इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ताजा फल की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सुरक्षित पहुंचाना है. प्रशासन का मानना है कि यह पहल भविष्य में लद्दाख के अन्य बागवानी उत्पादों के लिए भी वैश्विक बाजार के नए अवसर खोलेगी.
गुणवत्ता, पैकेजिंग और परिवहन पर रहेगा विशेष फोकस
निर्यात की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खुबानी की खरीद, गुणवत्ता जांच, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन की सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जाएं. अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए फलों की ग्रेडिंग, छंटाई, गुणवत्ता प्रमाणन और वैज्ञानिक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा. प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए हैं.
एफपीओ और सहकारी समितियां निभाएंगी अहम भूमिका
इस परियोजना में किसान उत्पादक संगठन (FPO), एग्रीगेटर और सहकारी समितियां मिलकर काम कर रही हैं. कृषि एवं बागवानी विभाग ने गांववार उत्पादन, संग्रह केंद्र, कटाई कार्यक्रम, परिवहन योजना और निर्यात प्रक्रिया की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है. इसके साथ ही किसानों और एग्रीगेटरों को पारदर्शी तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके.
लद्दाख ब्रांड को मिलेगी वैश्विक पहचान
निर्यात के दौरान खुबानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्री-कूलिंग, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट, तापमान नियंत्रण और पूरी कोल्ड चेन व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे फल की ताजगी और गुणवत्ता बरकरार रहेगी. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्यात होने वाली पैकेजिंग पर ‘Ladakh’ ब्रांड की पहचान प्रमुखता से दिखाई जाए. इसके लिए लुलु ग्रुप, फेयर एक्सपोर्ट्स और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और ब्रांडिंग का पालन किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से लद्दाख के खुबानी उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी. साथ ही भविष्य में अन्य देशों के बाजारों तक भी लद्दाख के फलों की पहुंच आसान होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र के बागवानी क्षेत्र को नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी.