हजारों किमी दूर उठे तूफान ‘बावी’ से बदल रहा भारत का मॉनसून, इन राज्यों के लिए IMD की चेतावनी

IMD Weather Alert: पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय टाइफून ‘बावी’ का असर अब भारत के मॉनसून पर भी दिखाई देने लगा है. मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान बंगाल की खाड़ी से आने वाली मॉनसूनी हवाओं को अपनी ओर खींच रहा है, जिससे बारिश का पैटर्न बदल गया है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 8 Jul, 2026 | 05:46 PM

Typhoon Bavi Effect: भारत में इन दिनों मॉनसून का मिजाज तेजी से बदल रहा है. इसकी वजह सिर्फ देश के अंदर बनने वाले मौसम सिस्टम नहीं हैं, बल्कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय शक्तिशाली टाइफून ‘बावी’ भी है. यह तूफान भारत से हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन इसका असर अब भारतीय मॉनसून पर साफ दिखाई देने लगा है. मौसम विभाग के मुताबिक, टाइफून बावी बंगाल की खाड़ी से आने वाली मॉनसूनी हवाओं और नमी के एक हिस्से को अपनी ओर खींच रहा है. इसी कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का पैटर्न बदल गया है. हालांकि अच्छी बात यह है कि जैसे-जैसे यह तूफान कमजोर होगा, वैसे-वैसे भारत में मॉनसून दोबारा मजबूत होने की संभावना है.

कैसे बदल रहा है मॉनसून का रुख?

विभाग का कहना है कि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की हवाएं सामान्य तौर पर बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर भारत की ओर बढ़ती हैं. लेकिन इस समय टाइफून बावी इतनी ताकतवर स्थिति में है कि, वह इन हवाओं का एक हिस्सा दक्षिण चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर की ओर खींच रहा है. इस वजह से भारत के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण बदल गया है. पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं, जबकि कुछ इलाकों में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ी है.

कमजोर पड़ने के बाद फिर बदलेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. पांडेय ने किसान इंडिया को बताया कि, प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून बावी भारत से हजारों किलोमीटर दूर सक्रिय है, इसलिए इसका देश पर कोई सीधा खतरा नहीं है. हालांकि ये शक्तिशाली तूफान कुछ समय के लिए हवाओं और नमी के प्रवाह को हल्का प्रभावित कर सकता है. इससे दक्षिण चीन सागर से बंगाल की खाड़ी की ओर आने वाली नमी धीमी पड़ सकती है और भारत के कुछ हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार में मामूली कमी या थोड़े समय का ब्रेक देखने को मिल सकता है.

भारत के मॉनसून पर क्या होगा असर?

डॉ. एस.एन. पांडेय के अनुसार भारत का मॉनसून मुख्य रूप से अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और स्थानीय कम दबाव वाले सिस्टम से संचालित होता है, इसलिए इसका असर सीमित रहने की संभावना है. फिलहाल उत्तर, मध्य, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और अच्छी बारिश जारी है. भारत पर इस सुपर टाइफून से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है, हालांकि मजबूत अल नीनो और न्यूट्रल IOD जैसी स्थितियों के बीच हवाओं के पैटर्न में हल्का बदलाव मॉनसून की निरंतरता को थोड़े समय के लिए प्रभावित कर सकता है.

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग का कहना है कि इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है.

इन राज्यों में भी होगी अच्छी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहेगी. उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश होने की संभावना है. वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर बना रहेगा. मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण भारत के केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा.

मुंबई और मध्य भारत में भी असर

मध्य भारत में बना कम दबाव का क्षेत्र अभी सक्रिय है और धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है. इसके प्रभाव से मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और मुंबई में अच्छी बारिश दर्ज की गई है. वहीं असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी कई जगह भारी बारिश हुई है.

मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिन भारत के मॉनसून के लिए काफी अहम रहने वाले हैं. अगर टाइफून बावी तेजी से कमजोर होता है, तो बंगाल की खाड़ी में नया मौसम सिस्टम बन सकता है, जिससे देश के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और कुछ मध्य राज्यों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.

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Published: 8 Jul, 2026 | 05:44 PM

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