बारिश से फसल बर्बाद! सरकार ने दिए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश.. 24 घंटे में मिलेगा मुआवजा

ओडिशा में लगातार बारिश से कई जिलों में फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है. सरकार ने तुरंत सर्वे कराने और नुकसान का आकलन होने के 24 घंटे के भीतर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं. कई इलाकों में खेत जलमग्न हैं, जबकि हीराकुंड बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 8 Jul, 2026 | 03:21 PM

Odisha News: ओडिशा के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को तुरंत फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने कहा है कि जिन किसानों की फसल प्रभावित होगी, उन्हें नुकसान का आकलन होते ही बिना देरी के मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि फिलहाल फसल नुकसान की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है. हालांकि, बारिश से प्रभावित जिलों के कलेक्टर खड़ी फसलों का सर्वे करेंगे और यदि नुकसान पाया जाता है तो उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी.

विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फसल नुकसान का आकलन  पूरा होने के 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, बलांगीर जिले के मुरीबहाल और बंगोमुंडा क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बड़ी संख्या में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. यदि बारिश जारी रही तो खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है.

बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी के तटबंध दो जगह टूट गए

वहीं, जाजपुर जिले में बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी के तटबंध दो जगह टूट गए हैं. इससे दशरथपुर ब्लॉक के आसपास के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है. मंगलपुर, दुदुरांता, शुशुआ, कनिकापाड़ा समेत कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति  बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. भारी बारिश के कारण केंद्रपाड़ा जिले के कई इलाकों में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. हालांकि, जल संसाधन विभाग का कहना है कि बारिश कम होने के बाद स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

जलस्तर पिछले साल की तुलना में अभी 2 से 3 फीट कम है

जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि बैतरणी नदी का जलस्तर आनंदपुर और अखुआपाड़ा दोनों जगह खतरे के निशान से नीचे है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल किसी भी अन्य नदी में बाढ़ का खतरा नहीं है. दिलीप कुमार राउत ने बताया कि हीराकुंड बांध का जलस्तर पिछले साल की तुलना में अभी 2 से 3 फीट कम है. हालांकि, अगर पानी की आवक इसी तरह बढ़ती रही तो 9 जुलाई को बांध के कुछ स्लूइस गेट खोले जा सकते हैं.

इस समय बांध में 1.80 लाख क्यूसेक पानी आ रहा

उन्होंने कहा कि फिलहाल हीराकुंड का जलस्तर 606.12 फीट है, जबकि बांध की अधिकतम क्षमता  630 फीट है. पिछले साल इसी समय जलस्तर 609 फीट था. इस समय बांध में 1.80 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जो अगले एक-दो दिन में बढ़कर 2.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है. अधिकारियों के अनुसार, कटक के मुंडली में महानदी का जलप्रवाह फिलहाल 3.26 लाख क्यूसेक है. यदि हीराकुंड से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है तो यह बढ़कर करीब 4.5 लाख क्यूसेक हो सकता है.

ओडिशा में 21 फीसदी अधिक बारिश

1 से 7 जुलाई के बीच ओडिशा में 334.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 276.6 मिमी से करीब 21 फीसदी अधिक है. बरगढ़, झारसुगुड़ा, सोनपुर, संबलपुर, देवगढ़ और सुंदरगढ़ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. वहीं, नुआपाड़ा जिले में भी पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश हुई. सबसे ज्यादा 109 मिमी बारिश बरगढ़ जिले के बिजेपुर में दर्ज की गई.

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Published: 8 Jul, 2026 | 03:19 PM

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