Ladli Behna Yojana MP: मध्य प्रदेश की चर्चित लाडली बहना योजना एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गई है. हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की आर्थिक सहायता को लेकर अब खुद लाभार्थी महिलाएं सवाल उठाने लगी हैं. कई महिलाओं का कहना है कि महंगाई के दौर में इतनी रकम से घर चलाना मुश्किल हो गया है. उनका मानना है कि असली जरूरत रोजगार और स्थायी आमदनी की है, न कि केवल छोटी आर्थिक सहायता की.
हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें लाडली बहनों की नाराजगी खुलकर सामने आई. वीडियो में महिलाएं सरकार की योजनाओं और बढ़ती महंगाई पर अपनी परेशानियां बताते हुए दिखाई दीं. इसके बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया.
“1500 रुपये से घर नहीं चलता”
वीडियो में महिलाओं ने साफ कहा कि 1500 रुपये की राशि बिजली बिल, दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों में ही खत्म हो जाती है. एक महिला ने कहा कि अगर घर में कोई बीमार पड़ जाए तो केवल इलाज में ही पूरी रकम खत्म हो जाती है. ऐसे में इस सहायता से परिवार की आर्थिक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता. महिलाओं का कहना था कि यदि परिवार की किसी एक महिला को रोजगार मिल जाए और वह हर महीने 10 से 15 हजार रुपये कमाने लगे, तो वह सहायता राशि से कहीं ज्यादा फायदेमंद होगा. उनका मानना है कि सरकार को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.
गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी नाराजगी
जीतू पटवारी से बातचीत के दौरान महिलाओं ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय सस्ते गैस सिलेंडर और उज्ज्वला योजना के नाम पर बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज गैस सिलेंडर इतना महंगा हो चुका है कि गरीब परिवार दोबारा लकड़ी और चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं.
एक महिला ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “गैस का लालच दिया गया, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि फिर से चूल्हे पर लौटना पड़ रहा है.” महिलाओं की यह नाराजगी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है.
मोदी जी ने गैस सिलेंडर का लालच देकर वोट लिए,
और अब हमें चूल्हे पर रोटी बनाने को मजबूर कर दिया।यह कहना मध्य प्रदेश की लाडली बहनों का है! 👇🏻 pic.twitter.com/pmqkwLkfc2
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 11, 2026
जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को “जंगलराज” बताते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं, दलित, आदिवासी तथा बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं. पटवारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा करने से जनता की जिंदगी नहीं बदलती, बल्कि रोजगार और मजबूत व्यवस्था की जरूरत होती है.
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने चुनावी बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन आम लोगों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि आज गरीब परिवार महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि सरकार को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय महिलाओं को रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने चाहिए.
दुर्भाग्य है कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नाकारे और निकम्मे हैं जिसके चलते:
आज मध्य प्रदेश में हर तीसरे घंटे एक बेटी के साथ बलात्कार होता है। आदिवासी, दलित, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ अत्याचार के मामलों में प्रदेश शीर्ष पर है। pic.twitter.com/gJCksnPd6p
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 11, 2026
योजना पर बढ़ी नई बहस
लाडली बहना योजना को लेकर शुरू हुई यह बहस अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है. महिलाओं की मांग है कि उन्हें स्थायी रोजगार, सस्ती रसोई गैस और महंगाई से राहत मिले. आने वाले समय में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि अब लाभार्थी महिलाएं खुद योजना की सीमाओं पर सवाल उठाने लगी हैं.