‘लाड़की बहिन’ योजना बंद नहीं करेगी सरकार, सीएम बोले- 10 लाख फर्जी लाभार्थियों से रिकवरी होगी

Ladki Bahin Scheme : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि सरकार अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजना 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन' को बंद नहीं करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में लाखों लाभार्थियों को योजना से हटाए जाने के बावजूद, 1.70 करोड़ योग्य महिलाओं को इसके लाभ मिलते रहेंगे.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 2 Jun, 2026 | 01:44 PM

महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाड़की बहिन’ योजना में भारी गड़बड़ियां पाई जाने के बाद इसे बंद करने की बाते कही जा रही थीं, जिन्हें सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गलत बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी. पहले की तरह की महिला लाभार्थियों के खाते में राशि भेजी जाएगी. उन्होंने कहा योजना में पाई गड़बड़ियों के तहत महिला लाभार्थी के नाम पर पुरुष लाभ लेते पाए गए हैं. ऐसे लाभार्थियों के खातों में भेजा गया पैसा रिकवर कराया जाएगा.

80 लाभार्थियों को बाहर किए जाने पर सीएम का आया बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि सरकार अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन’ को बंद नहीं करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में लाखों लाभार्थियों को योजना से हटाए जाने के बावजूद, 1.70 करोड़ योग्य महिलाओं को इसके लाभ मिलते रहेंगे. मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी 30 अप्रैल की e-KYC (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन की समय सीमा समाप्त होने के बाद आई है. इस सत्यापन प्रक्रिया में लगभग 80 लाख लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया था, जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी.

सत्यापन में बड़े पैमाने पर अपात्र योजना का लाभ लेते पाए गए

साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि योजना शुरू होने के बाद राज्य सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन का काम शुरू किया था, क्योंकि उस समय कई अनियमितताएं सामने आई थीं. उन्होंने समझाया कि जब यह योजना शुरू की गई थी, तब महिलाओं को अपनी पात्रता स्वयं प्रमाणित करने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि कई महिलाओं के पास दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था. बाद में सत्यापन किया गया क्योंकि सरकारी खर्च ऑडिट के अधीन होता है.

10 लाख लाभार्थियों के रिकॉर्ड गड़बड़ मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में कई विसंगतियां सामने आईं, जैसे कि सरकारी कर्मचारियों के परिवारों की महिलाओं द्वारा लाभ लेना और कुछ मामलों में पुरुषों द्वारा आवेदन करना. सीएम फडणवीस ने बताया कि लगभग 10 लाख लाभार्थियों के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं, जबकि लगभग 14,000 पुरुषों ने इस योजना के तहत आवेदन किया था. उन्होंने कहा कि पात्रता की पुष्टि करने के लिए सरकार ने आयकर, परिवहन और राशन कार्ड डेटाबेस की मदद से लाभार्थियों के रिकॉर्ड का मिलान किया. उन्होंने आगे कहा कि अयोग्य महिलाओं और उन लोगों को भुगतान रोक दिया गया है, जो अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी करने में विफल रहे.

अपात्रों से पैसे की रिकवरी करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि सरकार उन लाभार्थियों से पहले से भुगतान की गई राशि वापस नहीं लेगी, जो बाद में अयोग्य पाए गए थे. केवल उन पुरुषों को ही पैसे वापस करने होंगे जिन्होंने धोखाधड़ी करके लाभ प्राप्त किया था. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि लगभग 1.70 करोड़ महिलाओं ने पात्रता के सभी मानदंडों को पूरा किया है और उन्हें इस योजना के तहत सहायता मिलती रहेगी.  उन्होंने कहा कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी. आज भी यह देश के राज्यों में अपनी तरह की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है, और यह जारी रहेगी.

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Published: 2 Jun, 2026 | 01:41 PM

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