नेपाल ने भारतीय आमों पर नहीं लगाया कोई बैन, सरकार ने बताया खबर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक

Nepal Mango Ban: नेपाल से भारतीय आमों पर बैन की जो खबरें आई थीं, वे गलत निकली हैं. भारत सरकार ने साफ किया है कि नेपाल ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है और भारतीय आमों का निर्यात पहले की तरह जारी है. भारत से अब तक हजारों टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं, और व्यापार सामान्य रूप से चल रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 11 Jun, 2026 | 11:22 AM

Indian Mango Ban: नेपाल से भारतीय आमों के आयात पर बैन की खबरों ने जैसे ही बाजार में हलचल मचाई, व्यापारियों और किसानों में चिंता बढ़ गई. लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि नेपाल ने भारतीय आमों पर कोई रोक नहीं लगाई है और आमों का निर्यात पहले की तरह जारी है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर ये अफवाहें फैली कैसे और असल में दोनों देशों के बीच व्यापार की स्थिति क्या है?

नेपाल सरकार ने दी साफ सफाई

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल सरकार के प्लांट क्वारंटीन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर, जो देश की राष्ट्रीय पौधा सुरक्षा संस्था है, ने स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों का आयात जारी है. बस शर्त यह है कि तय किए गए नियमों और क्वालिटी मानकों का पालन करना जरूरी है. नेपाल ने 10 जून को भी यह पुष्टि की है कि भारतीय आमों का आयात जारी रहेगा, लेकिन इसके लिए जरूरी फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट और नियमों को पूरा करना होगा.

आमों का व्यापार जारी, कोई रुकावट नहीं

सरकार ने बताया कि, भारत से नेपाल आमों का निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी है. नेपाल की तरफ से जब जरूरी दस्तावेज और शर्तें पूरी की जाती हैं, तभी आयात परमिट और अनुमति जारी की जाती है. इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच आमों के व्यापार में कोई रुकावट नहीं आई है.

भारत से लगातार हो रहा आमों का निर्यात

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक भारत ने नेपाल को लगभग 149 खेप आमों की भेजी हैं, जो करीब 2,005 मीट्रिक टन बनता है. सिर्फ जून महीने में ही 18 खेप यानी लगभग 266 मीट्रिक टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं. इससे पता चलता है कि, व्यापार सामान्य रूप से चल रहा है.

नए नियमों को लेकर कुछ बदलाव

नेपाल ने हाल ही में कुछ नए आयात नियम लागू किए हैं. इनमें सबसे जरूरी नियम है हॉट वाटर ट्रीटमेंट (HWT) यानी फलों और सब्जियों को गर्म पानी से उपचारित करना अब अनिवार्य कर दिया गया है. भारत ने इन नए नियमों को मान लिया है और अब इन्हीं नियमों के हिसाब से निर्यात किया जा रहा है. हालांकि, भारत का कहना है कि ऐसे किसी भी नए नियम को लागू करने से पहले दोनों देशों के बीच बातचीत जरूर होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की दिक्कत न आए.

फिलहाल इस पूरे मामले को भारत और नेपाल आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. यह प्रक्रिया WTO (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन) के SPS समझौते और IPPC (इंटरनेशनल प्लांट प्रोटेक्शन कन्वेंशन) के नियमों के तहत चल रही है.

अफवाहों पर न दें ध्यान

कृषि मंत्रालय ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. बिना पुष्टि वाली खबरों पर ध्यान न दें, क्योंकि इससे भ्रम और नुकसान हो सकता है. कुल मिलाकर स्थिति साफ है कि नेपाल ने भारतीय आमों पर कोई बैन नहीं लगाया है. व्यापार सामान्य रूप से चल रहा है और दोनों देशों के बीच नियमों के तहत सहयोग जारी है.

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