रायसेन कृषि महोत्सव में नितिन गडकरी का बड़ा संदेश, स्मार्ट सिटी नहीं स्मार्ट विलेज से बदलेगी खेती और गांवों की तस्वीर
Raisen Agriculture Festival 2026: रायसेन के राष्ट्रीय कृषि महोत्सव के समापन में शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी ने किसानों को बेहतर बीज, सिंचाई, ड्रोन, जैविक खेती और नई तकनीक अपनाने का संदेश दिया. नेताओं ने कम लागत में ज्यादा उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर देते हुए इसे देश में कृषि बदलाव की नई शुरुआत बताया.
Rashtriya Krashi Mela Raisen: मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेला ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ का 13 अप्रैल को समापन हुआ. समापन सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शामिल हुए. शिवराज सिंह ने कहा कि यह मेला देश में कृषि क्रांति की शुरुआत है, जिसका फायदा दूर-दूर तक किसानों को मिलेगा. वहीं नितिन गडकरी ने किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक सिंचाई, जैविक खेती, ड्रोन और नई तकनीक अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कम लागत में ज्यादा उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता ही किसानों की कमाई बढ़ाने का सबसे आसान रास्ता है. गडकरी ने साफ कहा कि आने वाला समय स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट विलेज का है, जहां खेती तकनीक, ऊर्जा और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ेगी.
किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, अब बनें ऊर्जादाता
नितिन गडकरी ने किसानों को खेती के साथ ऊर्जा उत्पादन की तरफ बढ़ने का बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि किसान अब सिर्फ अन्न उगाने तक सीमित न रहें, बल्कि बायोफ्यूल, गोबर गैस, सौर ऊर्जा और कृषि अपशिष्ट से बिजली बनाकर अतिरिक्त आय भी कमाएं. उनका कहना था कि गांवों में अगर किसान अपनी जरूरत की बिजली खुद बनाने लगें, तो खर्च भी घटेगा और आमदनी के नए रास्ते भी खुलेंगे. इससे खेती को उद्योग से जोड़ने का रास्ता मजबूत होगा. गडकरी ने इसे ग्रामीण भारत के लिए आर्थिक मजबूती का नया मॉडल बताया, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे.
राष्ट्रीय कृषि मेला रायसेन.
बीज, सिंचाई, ड्रोन और जैविक खेती पर बड़ा फोकस
समापन सत्र में गडकरी ने किसानों को बेहतर बीज, माइक्रो इरिगेशन, ड्रोन तकनीक और जैविक खेती अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पानी की बचत और सही समय पर पोषण देने से पैदावार बढ़ती है और लागत कम होती है. ड्रोन तकनीक को उन्होंने खेती का भविष्य बताया. ड्रोन से दवा छिड़काव, फसल निगरानी और पोषक तत्वों का सही इस्तेमाल आसान हो जाता है. इसके साथ ही उन्होंने जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि आज बाजार में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है. अगर किसान इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो उन्हें बेहतर दाम मिल सकते हैं.
स्मार्ट विलेज और कृषि रोडमैप की नई सोच
गडकरी ने अपने भाषण में कहा कि अब देश को सिर्फ स्मार्ट शहरों की नहीं, बल्कि स्मार्ट गांवों की जरूरत है. गांवों में सड़क, पानी, इंटरनेट, आधुनिक मंडी, कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल सेवाएं पहुंचेंगी, तभी किसान सही मायनों में मजबूत होगा. कार्यक्रम में रायसेन, विदिशा और सीहोर के लिए एक विशेष कृषि विकास रोडमैप भी जारी किया गया. इसमें एआई आधारित सेवाएं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, मौसम आधारित सलाह और आधुनिक मशीनों के उपयोग पर जोर दिया गया. इस पहल का मकसद किसानों को तकनीक से जोड़कर खेती को ज्यादा मुनाफे वाला बनाना है.
एकीकृत खेती से बढ़ेगी आय और मजबूत होंगे गांव
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर न रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि फसल के साथ पशुपालन, बागवानी, और मछली पालन जैसे काम जोड़ने से आय कई गुना बढ़ सकती है. शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि यह महोत्सव सिर्फ मेला नहीं, बल्कि देश में कृषि क्रांति की शुरुआत है. उन्होंने किसानों की कमाई बढ़ाने और लागत घटाने को सरकार की प्राथमिकता बताया. रायसेन से निकला यह संदेश साफ है कि आने वाले समय में गांव तकनीक, ऊर्जा और आधुनिक खेती के दम पर नई पहचान बनाएंगे. स्मार्ट विलेज की यह सोच किसानों की किस्मत बदलने की ताकत रखती है.
गीर गाय, नई तकनीक और डेयरी से किसानों की बढ़ेगी कमाई
नितिन गडकरी ने किसानों को डेयरी के जरिए आय बढ़ाने का आसान रास्ता बताया. उन्होंने कहा कि 1952 में गुजरात की गीर नस्ल की गाय ब्राजील गई थी, जहां बेहतर नस्ल सुधार के बाद वह करीब 60 लीटर दूध देने लगी. उसी नस्ल के सांड का सीमन भारत लाकर देसी गायों में इस्तेमाल किया गया, जिससे गायों का दूध उत्पादन बढ़कर करीब 12 लीटर तक पहुंचा. उन्होंने एंब्रियो ट्रांसफर और टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक का भी जिक्र किया. गडकरी ने कहा कि अगर किसान डेयरी और बेहतर नस्ल तकनीक अपनाएं, तो दूध उत्पादन बढ़ाकर गरीबी दूर की जा सकती है.