82 रुपये से भी कम हो सकते हैं पेट्रोल के दाम! केजरीवाल ने बताया पूरा हिसाब, सरकार पर लगाए बड़े आरोप

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल के दाम कम नहीं होने को लेकर अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हिसाब से पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है. E20 पेट्रोल की कीमत को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर निशाना साधा है.

नोएडा | Published: 9 Jul, 2026 | 05:58 PM

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उनका दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने के बावजूद देश में पेट्रोल की कीमतें कम नहीं की गईं. केजरीवाल का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत में शुद्ध (Pure) पेट्रोल (Petrol Price) करीब 82 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए, जबकि लोगों से E20 पेट्रोल के लिए भी 102 रुपये प्रति लीटर वसूले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर सही हिसाब लगाया जाए तो E20 पेट्रोल की कीमत इससे भी कम हो सकती है.

115 डॉलर से 70 डॉलर पर आया कच्चा तेल, फिर भी नहीं घटी कीमत

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ महीने पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. लेकिन अब यह घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल रह गई है. इसके बावजूद देश में पेट्रोल की कीमत में कोई खास कमी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि मई में भी पेट्रोल की कीमत करीब 102 रुपये प्रति लीटर थी और आज भी E20 पेट्रोल लगभग उसी कीमत पर बेचा जा रहा है. उनका सवाल है कि जब कच्चा तेल सस्ता हो चुका है तो आम लोगों को इसका फायदा क्यों नहीं मिल रहा.

केजरीवाल ने बताया 82 रुपये प्रति लीटर का पूरा गणित

केजरीवाल ने दावा किया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमत  के हिसाब से कच्चे तेल की लागत भारतीय मुद्रा में लगभग 42 रुपये प्रति लीटर बैठती है. इसके बाद उन्होंने अन्य सभी खर्चों को जोड़ते हुए अपना गणित समझाया.

उनके मुताबिक:-

  1. कच्चा तेल:- 42 रुपये प्रति लीटर
  2. रिफाइनिंग, ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) मार्जिन और ट्रांसपोर्ट:- 9 रुपये प्रति लीटर
  3. केंद्र सरकार का टैक्स:- 12 रुपये प्रति लीटर
  4. राज्यों का औसत वैट (25 फीसदा):- 16 रुपये प्रति लीटर
  5. डीलर कमीशन:- 3 रुपये प्रति लीटर

इन सभी खर्चों को जोड़ने पर पेट्रोल की कीमत करीब 82 रुपये प्रति लीटर बनती है. उन्होंने कहा कि यह कीमत शुद्ध पेट्रोल (Pure Petrol) की होनी चाहिए. यदि इसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाकर E20 पेट्रोल बेचा जा रहा है, तो इसकी कीमत 82रुपये से भी कम, करीब 70 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए.

डीजल भी हो सकता है सस्ता, महंगाई पर पड़ेगा असर

केजरीवाल ने कहा कि यही गणित डीजल पर भी लागू होता है. यदि डीजल और पेट्रोल  दोनों सस्ते किए जाएं तो परिवहन लागत घटेगी और इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा. इससे महंगाई कम होगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

उन्होंने सरकार के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें कहा जाता है कि युद्ध के दौरान तेल कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कीमतें कम नहीं की जा रहीं. केजरीवाल ने कहा कि 2014 से अब तक छह बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल काफी  सस्ता हुआ, लेकिन उन मौकों पर भी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उसी अनुपात में कटौती नहीं की. उनका कहना है कि उन वर्षों में तेल कंपनियों ने बंपर मुनाफा कमाया. उन्होंने दावा किया कि पिछले साल ही तेल कंपनियों को करीब 77,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार भारी मुनाफा हो रहा है.

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ऐसे में युद्ध के दौरान हुए सीमित नुकसान का हवाला देकर जनता से अधिक कीमत वसूलना उचित नहीं है. उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत शुद्ध पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर के आसपास उपलब्ध कराए और E20 पेट्रोल की कीमत  इससे भी कम करे. अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कीमतों के जरिए मोदी सरकार जनता से जरूरत से ज्यादा पैसा वसूल रही है.

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