महिला किसानों की बदली तस्वीर…11 लाख को मिली ट्रेनिंग, 2,377 करोड़ के प्रोजेक्ट्स से बढ़ी कमाई

महिला किसानों को मजबूत बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. 2025-26 में 11.61 लाख महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई और 8,190 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली. ड्रोन, लोन और नई तकनीक से महिलाओं की खेती में कमाई बढ़ रही है. इससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.

नोएडा | Updated On: 24 Mar, 2026 | 08:02 PM

Women Farmers: अब खेती सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रही. गांव-गांव में महिलाएं भी खेत संभाल रही हैं, फैसले ले रही हैं और कमाई बढ़ा रही हैं. सरकार की कई योजनाओं और नई तकनीक के चलते महिला किसानों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आसान लोन, ट्रेनिंग और आधुनिक साधनों की मदद से अब महिलाएं खेती में आत्मनिर्भर बन रही हैं.

महिलाओं को मिल रहा पूरा साथ, हर स्तर पर मदद

सरकार ने महिला किसानों को मजबूत  बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं में पैसा, ट्रेनिंग, तकनीक और बाजार तक पहुंच-सब कुछ शामिल है. महिलाओं को सस्ती दर पर लोन दिया जा रहा है, ताकि वे अपने खेत में नए काम शुरू कर सकें. साथ ही, उन्हें नई तकनीक और बेहतर खेती के तरीके सिखाए जा रहे हैं, जिससे उनकी पैदावार और कमाई दोनों बढ़ रही हैं. इसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है. पहले जहां महिलाएं सिर्फ मजदूरी करती थीं, अब वे खुद किसान बनकर फैसले ले रही हैं.

11 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिली ट्रेनिंग

सरकार की एटीएमए (ATMA) योजना के तहत महिला किसानों  को बड़े स्तर पर ट्रेनिंग दी जा रही है. साल 2025-26 में अब तक करीब 11.61 लाख महिला किसानों को ट्रेनिंग देकर खेती के नए तरीके सिखाए गए हैं. इस ट्रेनिंग में महिलाओं को फसल उगाने, कीट नियंत्रण, बाजार से जुड़ने और नई तकनीक अपनाने के बारे में बताया जाता है. इससे महिलाएं अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ खेती कर रही हैं. ट्रेनिंग मिलने से महिलाएं खुद अपने खेत का काम संभाल रही हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं.

सरकारी योजनाओं से महिला किसानों की आय और ताकत बढ़ी.

ड्रोन और नई तकनीक से बदल रही खेती

अब खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. नमो ड्रोन दीदी  जैसी योजना के जरिए महिलाओं को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. ड्रोन की मदद से खेतों में दवा छिड़काव और निगरानी का काम आसान हो गया है. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है. इसके अलावा कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत महिलाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट बनाने के लिए भी मदद दी जा रही है. इससे वे अपनी फसल को सही समय पर बेचकर ज्यादा कमाई कर पा रही हैं.

8190 प्रोजेक्ट्स से महिलाओं को मिला बड़ा फायदा

सरकारी योजनाओं  का असर अब साफ दिख रहा है. अब तक 8,190 महिला किसानों से जुड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल कीमत करीब 2,377 करोड़ रुपये है. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए महिलाओं को रोजगार के नए मौके मिल रहे हैं और उनकी आय बढ़ रही है. कई महिलाएं अब खुद का बिजनेस शुरू कर चुकी हैं, जैसे मधुमक्खी पालन, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग. इससे न सिर्फ उनकी कमाई बढ़ी है, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है.

कई योजनाओं से मिल रहा एक साथ फायदा

महिला किसानों को एक नहीं, बल्कि कई योजनाओं का फायदा  मिल रहा है. इनमें एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, एटीएमए, नमो ड्रोन दीदी, मधुमक्खी पालन मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाएं शामिल हैं. इन सभी योजनाओं का मकसद एक ही है-महिलाओं को खेती में मजबूत बनाना और उनकी आय बढ़ाना. अब महिलाएं सिर्फ खेती नहीं कर रहीं, बल्कि बाजार से जुड़कर अपने उत्पाद बेच भी रही हैं. इससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है.

Published: 24 Mar, 2026 | 09:32 PM

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