ट्रेड डील पर किसानों की नाराजगी के बाद पीयूष गोयल का जवाब, बिना बताए डील नहीं करेगी सरकार
Free Trade Agreements Issue: देश के 120 से ज्यादा किसान संगठन अमेरिका और अन्य देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे हैं. अमेरिकी व्यापार समझौते पर उन्होंने माना कि अभी तक सभी ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है. सभी पक्षों से बात करके ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
भारत अमेरिका समेत कई देशों के साथ व्यापार समझौते कर रहा है. इसके तहत भारतीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा तो वहीं विदेशी वस्तुओं का आयात बढ़ेगा. कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात संबंधी चिंताओं को लेकर किसानों में नाराजगी है और इसके विरोध में देशभर में किसान संगठनों के आंदोलन जारी हैं. किसानों का कहना है कि सरकार ने बिना बातचीत किए ही समझौतों को अंतिम रूप देने में जुटी है जो मान्य नहीं होगा. अब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने माना कि अमेरिकी समझौते का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों के हित को सरकार ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है. अंतिम फैसले से पहले किसानों और संबंधित पक्षों से बात जरूर की जाएगी.
ट्रेड डील का विरोध कर रहे 112 से ज्यादा किसान संगठन
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक, किसान मजदूर मोर्चा, भाकियू चढ़ूनी, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन समेत 120 से ज्यादा किसान संगठन अमेरिका और अन्य देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे हैं. किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार ने समझौते को लेकर किसानों से बातचीत तक नहीं की और मनमाने तरीके से इसे लागू करने की कोशिशें की जा रही हैं. किसान नेताओं ने कहा कि इन समझौतों के तहत विदेशी डेयरी और कृषि उत्पाद सस्ती दर पर भारत आएंगे तो घरेलू किसानों के उत्पादों को कौन खरीदेगा और किसानों को उचित दाम कैसे मिलेगा. किसान संगठनों ने विरोध जताया है और रद्द करने की मांग की है.
सरकार ने माना अमेरिकी समझौते का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया
अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ ट्रेड डील पर किसानों के विरोध के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पाठ का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन समझौते में भारत के किसी भी संवेदनशील हित से समझौता नहीं किया गया है. गोयल ने कहा कि सरकार किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श करती है.
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अभी तक किसी समझौते का विरोध नहीं हुआ- पीयूष गोयल
वाणिज्य मंत्री ने वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के कार्यक्रम में कहा कि मौजूदा सरकार ने अबतक जितने भी एफटीए, तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) या द्विपक्षीय व्यापार समझौतों (बीटीए) को अंतिम रूप दिया है, उनका संबंधित पक्षों ने व्यापक रूप से स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मैंने अब तक इनमें से किसी भी समझौते की एक भी आलोचना नहीं देखी है. अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए कुछ लोग पूरी तरह झूठी बातें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
कहा- किसानों-मछुआरों के हितों का ध्यान रखा गया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं पद की जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि अमेरिका के साथ बीटीए में हमने भारत के किसी भी संवेदनशील हित से समझौता नहीं किया है. उन्होंने कहा कि इसमें किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), श्रमिकों, हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्रों और वाहन उद्योग के हितों का ध्यान रखा गया है. गोयल ने कहा कि जहां तक संभव था और वाहन उद्योग के साथ विचार-विमर्श के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया गया है.
🇮🇳 ‘Not A Single Sensitivity Of India’ Compromised: Goyal Pushes Back On US Trade Deal Claims
Calling some of the chatter around the agreement a “total falsehood,” Piyush Goyal said farmers, MSMEs, workers, handlooms, handicrafts sector and industry were protected “to the… https://t.co/8Fyu54bioV pic.twitter.com/8pfpGquzYz
— RT_India (@RT_India_news) September 4, 2026
अमेरिकी ट्रेड डील का पहला चरण है, अभी बातचीत जारी
उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेड डील में यह केवल पहला चरण है. हम आगे भी बातचीत जारी रखेंगे. भारत और अमेरिका ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की घोषणा की थी. हालांकि, अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के बाद दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर आगे की बातचीत हुई है. अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगा दिया है.