PM किसान की अगली किस्त से पहले किसानों को तोहफा, इस चीज की खरीद मूल्य बढ़ाकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल किया

प्याज उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने खरीद व्यवस्था में बदलाव करते हुए किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इस फैसले से फसल बेचने वाले किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है. इसका साथ ही बाजार में कीमतों को संतुलित रखने में भी मदद मिल सकती है.

नोएडा | Published: 14 Jun, 2026 | 12:28 PM

Onion Procurement: पीएम किसान योजना की अगली किस्त जारी होने से पहले केंद्र सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने भंडारण योग्य प्याज की खरीद के लिए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (एमएपीपी) में बढ़ोतरी का फैसला किया है. नई दरें लागू होने के बाद किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बाजार में मूल्य संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा.

प्याज खरीद मूल्य में किया गया इजाफा

सरकार ने प्याज खरीद  से जुड़ी व्यवस्था की समीक्षा के बाद न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य को बढ़ाने का निर्णय लिया है. नई व्यवस्था के तहत भंडारण योग्य गुणवत्ता वाले प्याज की खरीद 1,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी. यह संशोधित मूल्य 13 जून से प्रभावी हो चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था. ऐसे में खरीद मूल्य बढ़ाने का फैसला किसानों को राहत देने वाला साबित हो सकता है.

बाजार के अनुरूप बनाई गई नई व्यवस्था

सरकार ने केवल खरीद दर में बढ़ोतरी  ही नहीं की है, बल्कि खरीद प्रणाली को भी बाजार की वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और सरकारी खरीद प्रक्रिया अधिक प्रभावी तरीके से संचालित हो. नई व्यवस्था से उन किसानों को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है जो बड़ी मात्रा में प्याज उत्पादन करते हैं और बाजार में कीमतें गिरने के कारण नुकसान का सामना करते हैं.

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

कृषि क्षेत्र में किसानों की आय  बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है. इसी दिशा में प्याज खरीद मूल्य में वृद्धि को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि बेहतर खरीद मूल्य मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ेगा और वे उत्पादन में निवेश करने के लिए अधिक प्रेरित होंगे. इसके अलावा, यह कदम बाजार में अचानक होने वाली कीमतों की गिरावट से किसानों को बचाने में भी मदद करेगा. इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता आने की संभावना है.

प्याज के लिए MSP नहीं, अलग व्यवस्था से होती है खरीद

प्याज उन फसलों में शामिल  है जो जल्दी खराब हो जाती हैं. इसी कारण इसके लिए केंद्र सरकार औपचारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित नहीं करती. इसके बजाय किसानों को मूल्य गिरावट से बचाने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य पर प्याज की खरीद की जाती है. इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करना है. नई दरों के लागू होने से प्याज उत्पादकों को बेहतर आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है और आने वाले समय में इसका सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल सकता है.

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