किसानों ने कर दिखाया कमाल! 4 साल में 21.58 लाख टन बढ़ा उत्पादन, MP बना नंबर-3

मध्यप्रदेश ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पिछले कुछ वर्षों में उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे राज्य देश के शीर्ष उत्पादक राज्यों में शामिल हो गया है. सरकार का दावा है कि आधुनिक खेती, बेहतर सुविधाओं और किसानों के प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 12 Jun, 2026 | 12:17 PM

Vegetable Production: मध्यप्रदेश ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. पिछले चार वर्षों में राज्य के सब्जी उत्पादन में 21.58 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा सब्जी उत्पादक राज्य बन गया है. राज्य सरकार का दावा है कि आधुनिक खेती, बेहतर सिंचाई सुविधाओं और किसान-केंद्रित योजनाओं की बदौलत उत्पादन में यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हुई है, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिली है.

चार वर्षों में उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में सब्जी उत्पादन 236.41 लाख मीट्रिक टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 257.99 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया. इस दौरान कुल 21.58 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई. राज्य सरकार का कहना है कि ये वृद्धि आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई सुविधाओं और अनुकूल जलवायु के कारण संभव हुई है.

देश में तीसरा स्थान और बढ़ता योगदान

मध्यप्रदेश का कुल सब्जी उत्पादन  अब लगभग 259 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है. इस प्रदर्शन के साथ राज्य ने देश में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है. सरकार के अनुसार, ये उपलब्धि देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा में मध्यप्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है. राज्य अब राष्ट्रीय स्तर पर सब्जी उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है.

विविध सब्जियों की खेती से किसानों की आय में बढ़ोतरी

प्रदेश में प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, गोभी, मटर, भिंडी, लौकी और गाजर  जैसी कई सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. विशेष रूप से प्याज की खेती का रकबा 2.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 2.30 लाख हेक्टेयर हो गया है. इससे किसानों की आय में भी सुधार हुआ है और उन्हें कम जमीन में अधिक लाभ मिल रहा है.

सरकार का लक्ष्य और ग्रामीण रोजगार में वृद्धि

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग  ने आने वाले समय में 54 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सब्जी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. इसमें आलू, टमाटर, प्याज और मटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विपणन से जुड़े क्षेत्रों में ग्रामीण रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

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Published: 12 Jun, 2026 | 12:17 PM

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