Tip Of The Day: फरवरी में लौकी के साथ करें इन 5 सब्जियों की खेती, 60 दिन में भर जाएगी जेब

फरवरी का महीना सब्जियों की खेती के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इस समय बोई गई फसलें 40 से 60 दिनों में तैयार होकर बाजार में पहुंच जाती हैं. सह-फसली सब्जियों की खेती कम लागत में जल्दी मुनाफा देती है और किसानों की आय बढ़ाने का अच्छा मौका बनती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 12 Feb, 2026 | 03:13 PM

Seasonal Vegetables: खेती में कम समय में ज्यादा कमाई करने का मौका हर किसान तलाशता है. फरवरी का महीना ऐसी ही संभावना लेकर आता है. इस समय मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ज्यादा गर्म, इसलिए सब्जियों की खेती के लिए यह सबसे अच्छा समय माना जाता है. सही फसल चुनकर किसान सिर्फ 40 से 60 दिनों में अच्छी कमाई कर सकते हैं. यही वजह है कि इस महीने में सब्जी की बुवाई को फायदे का सौदा माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि फरवरी में किन-किन सब्जियों की खेती आपको फायदा करवा सकती है.

फरवरी का मौसम सब्जियों के लिए सबसे अनुकूल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में तापमान लगभग 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. यह मौसम पौधों की शुरुआती बढ़त  के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. हल्की ठंड और संतुलित तापमान के कारण बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं. फरवरी में बोई गई सब्जियां मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक बाजार में पहुंच जाती हैं. इसी समय गर्मी बढ़ने लगती है और हरी सब्जियों की मांग भी बढ़ जाती है. शादी-विवाह का सीजन शुरू होने से बाजार में कीमतें अच्छी मिलती हैं, जिससे किसानों को ज्यादा मुनाफा होता है.

सह-फसली सब्जियों से जल्दी फायदा

फरवरी में सह-फसली खेती  करना किसानों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है. मूली, पालक, गाजर, धनिया जैसी सब्जियां करीब 40 से 45 दिनों में तैयार हो जाती हैं. कम समय में तैयार होने के कारण इन्हें जल्दी बाजार में बेचा जा सकता है. इसके अलावा लौकी, कद्दू, करेला और अन्य बेल वाली सब्जियों की खेती भी इस मौसम में अच्छी मानी जाती है. ये फसलें तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है. कम समय में तैयार होने वाली फसलें किसानों को जल्दी आय देती हैं और खेत का उपयोग भी बेहतर तरीके से हो जाता है.

कम लागत में अच्छी कमाई

फरवरी में उगाई जाने वाली कई सब्जियों की खेती  में लागत भी ज्यादा नहीं आती. एक बीघे में पालक, मूली, गाजर और धनिया जैसी फसलों की बुवाई पर करीब 8 से 10 हजार रुपये खर्च हो सकता है. अगर फसल अच्छी तैयार हो जाए, तो किसान 50 से 60 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं लौकी, कद्दू और करेला जैसी सब्जियों की खेती में करीब 18 से 20 हजार रुपये तक खर्च आता है. इन फसलों से भी अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि गर्मियों में इनकी मांग बढ़ जाती है. कम लागत और जल्दी तैयार होने की वजह से यह खेती छोटे किसानों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है.

पानी और देखभाल है जरूरी

सब्जियों की अच्छी पैदावार के लिए पानी की सुविधा बहुत जरूरी होती है. फरवरी के बाद मौसम धीरे-धीरे गर्म होने लगता है, जिससे मिट्टी की नमी  जल्दी खत्म हो जाती है. ऐसे में सप्ताह में एक बार सिंचाई करना जरूरी होता है. इसके साथ ही खेत की नियमित देखभाल भी जरूरी है. समय पर निराई-गुड़ाई और पौधों की सुरक्षा से फसल बेहतर तैयार होती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

कच्चे आम का खट्टापन किस कारण होता है?