हरियाणा के हर जिले में खुल रहे Animal Polyclinic, पशुओं का एक्सरे-अल्ट्रासाउंड होगा.. किसानों का खर्च घटेगा

Animal Polyclinic Haryana: हरियाणा में पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की पहल की गई है. अब हर जिले में आधुनिक एनिमल पॉलीक्लिनिक खोले जाएंगे, जहां पशुओं के एक्स-रे, सर्जरी और अन्य जरूरी इलाज की सुविधा एक ही जगह मिलेगी. इससे समय पर इलाज संभव होगा और पशुपालकों का खर्च भी कम होगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 12 Feb, 2026 | 03:12 PM

Haryana News: हरियाणा के पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है. अब पशुओं के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में नए एनिमल पॉलीक्लिनिक बनाए जा रहे हैं, जहां पशुओं के लिए एक्स-रे, सर्जरी और अन्य जरूरी इलाज की सुविधा एक ही जगह पर मिल सकेगी. इससे पशुपालकों का समय और खर्च दोनों बचेंगे.

हर जिले में आधुनिक पशु पॉलीक्लिनिक की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में पशु स्वास्थ्य सेवाओं  को बेहतर बनाने के लिए पशुपालन विभाग आधुनिक एनिमल पॉलीक्लिनिक स्थापित कर रहा है. इसी कड़ी में चरखी दादरी जिले के समसपुर गांव में करीब 11.11 करोड़ रुपये की लागत से नया पशु पॉलीक्लिनिक बनाया जाएगा. इसके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है. इस पॉलीक्लिनिक के बनने से पशुओं की गंभीर बीमारियों का इलाज जिले में ही संभव हो सकेगा. राज्य में हिसार स्थित एशिया के सबसे बड़े पशुधन प्रजनन  एवं अनुसंधान केंद्र और बहादुरगढ़ के पेट क्लीनिक जैसे संस्थान पहले से पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बना रहे हैं.

एक्स-रे और सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

नए पशु पॉलीक्लिनिक में कई आधुनिक चिकित्सा  सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यहां पशुओं की टूटी हड्डियों का एक्स-रे, सर्जरी और बच्चेदानी से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा. इन केंद्रों में सात विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम तैनात करने की योजना है, ताकि अलग-अलग बीमारियों का इलाज आसानी से हो सके. अभी कई जगहों पर ऐसी सुविधाओं की कमी के कारण पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है. कई बार समय पर इलाज न मिलने से पशुओं की जान भी चली जाती है, जिससे आर्थिक नुकसान  होता है.

पशुपालन के क्षेत्र में मजबूत पहचान

यह क्षेत्र लंबे समय से पशुपालन के लिए जाना जाता रहा है. यहां की देसी गायों ने राज्य स्तरीय दुग्ध और सौंदर्य प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया है. पशुपालक समय-समय पर आयोजित पशु मेलों और दुग्ध प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं. गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे पशुओं की अच्छी नस्लों  के कारण पशुपालन यहां आय का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है. नई चिकित्सा सुविधाएं मिलने से इस क्षेत्र के पशुपालकों को और अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है.

पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की पहल

राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई जगहों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. कुछ स्थानों पर पहले से बड़े पशुधन प्रजनन और अनुसंधान केंद्र भी काम कर रहे हैं. इसके अलावा आसपास के राज्यों में भी आधुनिक वेटनरी पॉलीक्लिनिक बनाए जा रहे हैं, जहां एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सर्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इन नई सुविधाओं से पशुपालन को बढ़ावा  मिलेगा और पशुओं की देखभाल पहले से आसान हो जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक पशु चिकित्सा केंद्र बनने से पशुओं की बीमारी का समय पर इलाज संभव होगा और पशुपालकों का आर्थिक नुकसान भी कम होगा.

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