इथेनॉल ब्लेंडिंग से बच रहा भारत का पैसा, 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ा.. ISMA ने बायोफ्यूल को ऊर्जा सुरक्षा का पिलर बताया
पिछले एक दशक में भारत ने संकट के समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है. आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक का भंडार बनाने का काम चल रहा है.
इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक संबोधन की सराहना की, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बाजार में उथल पुथल के बीच भारत की मजबूत ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डाला. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक दबावों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर तनाव बढ़ रहा है, PM मोदी का दृष्टिकोण भारत के ‘आत्मनिर्भर’ भविष्य को सुरक्षित करने में बायोफ्यूल की अहम भूमिका की पुष्टि करता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने संकट के समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है. आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक का भंडार बनाने का काम चल रहा है. हमारी तेल कंपनियों के पास जो भंडार है, वह इससे अलग है. पिछले 11 वर्षों में हमारी रिफाइनिंग क्षमता में भी काफी वृद्धि हुई है. संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी बहुत उपयोगी साबित हो रही है. पिछले दस से ग्यारह वर्षों में इथेनॉल उत्पादन और मिश्रण (ब्लेंडिंग) पर अभूतपूर्व काम किया गया है.
पिछले वर्ष 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ा
एक दशक पहले देश में इथेनॉल मिश्रण की क्षमता केवल एक फीसदी थी. आज हम पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने के करीब हैं. इसके कारण पिछले वर्ष हमें लगभग 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ा. स्वाभाविक रूप से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं मौजूदा संघर्ष से प्रभावित हो रही हैं.
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यह पक्का करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि भारत पर इसका कम से कम प्रतिकूल प्रभाव पड़े. सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक प्रभावों से निपटने के लिए रणनीति के साथ काम कर रही है. आज भारत के आर्थिक बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं, जिससे देश को काफी मदद मिली है. हम हर क्षेत्र के हितधारकों के साथ चर्चा कर रहे हैं और जहां भी जरूरत है, आवश्यक मदद दी जा रही है.
20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग टारगेट समय से पहले पूरा
यह ISMA की कोशिशों को सही साबित करता है जिसने 2014 में मामूली 1.5 फीसदी से मिश्रण को बढ़ाकर आज 20 फीसदी तक पहुंचाया है. यह लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है. ISMA के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह माना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से अब तक 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल का आयात बचाया जा चुका है. यह इस बात का एक मजबूत प्रमाण है कि बायोफ्यूल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक अहम आधार है.
इस्मा के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी.
हमारी क्षमता E27 जैसे ऊंचे ब्लेंड की ओर तेजी बढ़ने की है
उन्होंने कहा कि E20 के लिए जरूरी 1,100 करोड़ लीटर से कहीं ज्यादा 2,000 करोड़ लीटर से ज्यादा की घरेलू इथेनॉल क्षमता है. भारत एक ऐसी खास स्थिति में है जहां वह E22–E27 जैसे ऊंचे ब्लेंड की ओर तेजी से बढ़ सकता है और E85/E100 के लिए फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ा सकता है. यह अगला चरण विदेशी मुद्रा की बचत को काफी हद तक बढ़ा सकता है, आयात पर निर्भरता कम कर सकता है और भारत को ऊर्जा के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उसकी यात्रा को तेज़ कर सकता है.