राजस्थान में 1 अप्रैल से सरसों और चना की MSP पर खरीद, 20 मार्च से शुरू होगा किसानों का पंजीकरण
Rajasthan MSP procurement: सरसों और चना की MSP पर खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण 20 मार्च 2026 से शुरू किया जाएगा. जो किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को बेचना चाहते हैं, उन्हें पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अप्रैल 2026 से किसानों से सरसों और चना की खरीद शुरू कर दी जाएगी.
Rajasthan MSP procurement: राजस्थान के किसानों के लिए रबी सीजन को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है. राज्य में जल्द ही सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है. इससे किसानों को अपनी फसल का उचित दाम मिलने की उम्मीद है और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से भी कुछ राहत मिलेगी.
राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए सरसों और चना की खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं. अधिकारियों के अनुसार इन फसलों की खरीद के लिए पहले किसानों का पंजीकरण किया जाएगा और उसके बाद निर्धारित तारीख से सरकारी खरीद शुरू होगी.
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत, कृषि जीन्स सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद हेतु, पंजीकरण प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू होगी।। पंजीकृत किसानों से इन फसलों की खरीद 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी। उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण ने बताया कि, भारत सरकार… pic.twitter.com/Wf0V3BhwBo
और पढ़ें— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) March 17, 2026
20 मार्च से शुरू होगा पंजीकरण
सरसों और चना की MSP पर खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण 20 मार्च 2026 से शुरू किया जाएगा. जो किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को बेचना चाहते हैं, उन्हें पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.
पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अप्रैल 2026 से किसानों से सरसों और चना की खरीद शुरू कर दी जाएगी. यह खरीद रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत की जाएगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके.
सरकार ने तय किए MSP के रेट
सरकारी खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर दिया गया है. सरकार के अनुसार चना का MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. वहीं सरसों का MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है.
ये दरें भारत सरकार द्वारा तय एफएक्यू (Fair Average Quality) मानकों के आधार पर लागू होंगी. यानी खरीद के दौरान फसल की गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए.
किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर
किसानों को खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी देने और समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-6001 भी जारी किया है. किसान इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर खरीद, पंजीकरण या अन्य किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
निर्धारित तारीख पर ही लानी होगी उपज
अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे पंजीकरण के बाद अपने मोबाइल फोन पर आने वाले संदेश के अनुसार ही निर्धारित तिथि पर अपनी उपज लेकर खरीद केंद्रों पर पहुंचें. इसके साथ ही किसानों को यह भी ध्यान रखना होगा कि निर्धारित तारीख से अधिकतम 10 दिनों के भीतर ही उपज की तुलाई करानी होगी. इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा.
जयपुर जिले में बनाए गए 42 खरीद केंद्र
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जयपुर जिले में कुल 42 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से सरसों और चना की खरीद की जाएगी. इन केंद्रों पर किसानों की फसल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी और यदि उपज एफएक्यू मानकों के अनुसार पाई जाती है, तो उसे MSP पर खरीदा जाएगा. इसके बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
किसानों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP पर खरीद शुरू होने से किसानों को बाजार की अनिश्चित कीमतों से राहत मिलेगी. कई बार मंडियों में कीमतें MSP से नीचे चली जाती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को उनकी उपज का तय मूल्य मिलेगा और उनकी आमदनी भी सुरक्षित रहेगी. साथ ही, राज्य में सरसों और चना की खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
राजस्थान में हर साल बड़ी मात्रा में सरसों और चना की खेती होती है. ऐसे में MSP पर खरीद की यह व्यवस्था किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.