Gujarat MSP procurement: गुजरात के किसानों के लिए आज से एक बड़ी राहत की शुरुआत होने जा रही है. राज्य सरकार ने आज से 5 मार्च तक ई-समृद्धि पोर्टल पर सरसों और चना की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. इस फैसले से किसानों को बाजार में दाम गिरने की चिंता से राहत मिलेगी और उन्हें अपनी मेहनत की फसल का सही दाम सीधे सरकार से मिल सकेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में अहम साबित होगा.
कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने की अहम घोषणा
गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि MSP पर खरीद से किसानों को बाजार में गिरते दामों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें अपनी मेहनत का सही फल मिलेगा. सरकार कुल खेती क्षेत्र और उत्पादन के आंकड़ों को ध्यान में रखकर खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी.
13 फरवरी से शुरू होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
सरकार ने MSP पर बिक्री के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया है. किसान 13 फरवरी से 5 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए राज्य सरकार के ई-समृद्धि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रखी गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे.
MSP कितना मिलेगा? जानिए तय समर्थन मूल्य
केंद्र सरकार की ओर से पहले ही चना और सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जा चुका है.
चना (ग्राम): 5,875 रुपये प्रति क्विंटल
सरसों (मस्टर्ड): 6,200 रुपये प्रति क्विंटल
गुजरात सरकार इन्हीं दरों पर किसानों से फसल खरीदेगी. इससे किसानों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी.
क्या है ई-समृद्धि पोर्टल
ई-समृद्धि पोर्टल एक सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे किसानों की उपज की खरीद और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है. इस पोर्टल के जरिए किसान घर बैठे या गांव के ई-ग्राम सेंटर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसान को सीधा फायदा मिले.
रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त, पैसे न दें
कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने साफ कहा है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निशुल्क है. किसानों को किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा. गांव स्तर पर मौजूद ई-ग्राम सेंटर और वहां काम करने वाले VCE (Village Computer Entrepreneur) किसानों की मदद करेंगे. किसानों से अपील की गई है कि किसी के बहकावे में आकर पैसे न दें और समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा करें.
रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
ई-समृद्धि पोर्टल पर आवेदन करने से पहले किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे. चूंकि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए दस्तावेजों की फाइल का साइज 5 MB से कम होना चाहिए.
आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं
- आधार कार्ड (JPG या PDF)
- बैंक पासबुक या चेकबुक की कॉपी
- जमीन से जुड़े सभी कागजात एक ही PDF फाइल में
ई-समृद्धि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें
सबसे पहले किसान को पोर्टल पर फार्मर रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करना होगा. इसके बाद मोबाइल नंबर और कैप्चा डालकर लॉगिन करना होगा. मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
इसके बाद किसान को तीन चरणों में जानकारी भरनी होगी—बेसिक डिटेल्स, बैंक डिटेल्स और जमीन से जुड़ी जानकारी. सभी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा. सही जानकारी भरने पर किसान की Farmer ID जनरेट हो जाएगी और एक आवेदन आईडी मिलेगी. सफल रजिस्ट्रेशन के बाद रसीद अपने आप डाउनलोड हो जाएगी.
किसानों के लिए क्यों है यह फैसला खास
यह फैसला सिर्फ MSP पर खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के भरोसे को मजबूत करने वाला कदम है. इससे किसानों को यह भरोसा मिलेगा कि सरकार उनकी फसल खरीदेगी और उन्हें घाटे का सामना नहीं करना पड़ेगा. खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है.