गुजरात के किसानों की अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसके मुआवजे की मांग किसान लंबे समय से कर रहे थे. राज्य सरकार ने कहा है कि पीड़ित किसानों को लगातार समय समय पर फसल नुकसान के रूप में मुआवजा राशि जारी की जाती रही है और अब तक 9 हजार करोड़ रुपये सहायता राशि के रूप में किसानों को भेजे जा चुके हैं. यह राशि 32 लाख से अधिक किसानों को दी जा चुकी है.
32 लाख किसानों के खाते में भेजे गए 9444 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक में फसलों के नुकसान और मुआवजा वितरण की समीक्षा के दौरान राज्य के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बयान में बताया कि 2025 में बेमौसम बारिश से प्रभावित 32 लाख से ज्यादा किसानों को अब तक अलग-अलग चरणों में 9,466 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है. उन्होंने कहा कि उन किसानों को भी राशि वितरित की जा रही है, जिनके नाम सर्वे के दौरान छूट गये थे.
10 लाख हेक्टेयर फसलों के नुकसान के लिए 10 हजार करोड़ का राहत पैकेज
गौरतलब है कि गुजरात में बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान दर्ज किया गया और 10 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलें चौपट हुईं. सरकार ने 30 अक्टूबर 2025 को नुकसान आकलन के लिए सर्वे के आदेश दिए थे, जिसके तहत मक्का, धान, समेत अन्य खरीफ फसलों को नुकसान हुआ था. इस नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में 10 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी.
18 लाख मीट्रिक टन खरीफ फसलों का 12 हजार करोड़ भुगतान किया गया
कृषि मंत्री वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 12,900 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीफ फसलें खरीदी हैं. 20 जनवरी तक राज्य में मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों के लिए MSP खरीद योजना के तहत 10.11 लाख से ज्यादा किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. उन्होंने कहा कि 18 लाख मीट्रिक टन उपज किसानों से खरीदी जा चुकी है.
20 लाख टन मूंगफली की खरीद फरवरी तक चलेगी
उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पहले केंद्र सरकार ने 20.10 लाख मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी है. राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीद 9 नवंबर 2025 से शुरू की जा चुकी है इस साल 6 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी. किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह अपनी मूंगफली उपज एमएसपी पर सरकारी खरीद केंद्रों पर बिक्री करें.
तुअर बिक्री के लिए 1.30 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
तुअर फसल के लिए रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर से शुरू हुआ था और 20 जनवरी तक ई-समृद्धि पोर्टल पर 1.30 लाख से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार तुअर, उड़द और मसूर की फसलों की खरीद राज्य के कुल उत्पादन के 100 फीसदी तक की जा सकती है.