रबी सीजन की प्रमुख फसलों में गेहूं, चना, सरसों की सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. किसानों की सहायता के लिए इन फसलों के लिए रजिस्ट्रेशन की अलग-अलग अंतिम तारीखों की घोषणा भी कर दी गई है. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसानों से कहा गया है कि वह अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बिक्री करें, निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम में उपज बेचकर नुकसान न उठाएं.
गेहूं चना-मसूर के लिए 16 और सरसों के लिए 20 मार्च अंतिम तारीख
मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के अनुसार गेहूं खरीद को लेकर राज्य में तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं. जिलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं. गेहूं किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री करने के लिए 7 मार्च तक पंजीयन जरूर कराना होगा. मध्य प्रदेश में चना एवं मसूर के पंजीयन की अंतिम तिथि 16 मार्च तय की गई है. जबकि, भावांतर योजना तहत सरसों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 तय की गई है. किसानों से कहा गया है कि वे
सरसों किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिलेगा
विदिशा जिले के कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश में उप संचालक कृषि केएस खपेडिया ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे गेहूं, चना एवं मसूर के ई-उपार्जन तथा सरसों के लिए भावांतर योजना अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराएं, ताकि शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ उन्हें समय पर प्राप्त हो सके. कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिले का कोई भी पात्र किसान उपार्जन एवं भावांतर प्रक्रिया से वंचित न रहे. किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में 113 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर किसान अपना पंजीयन करा सकते हैं.
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किसान मुफ्त पंजीयन कहां कराएं
किसान अपनी उपज की बिक्री के लिए निशुल्क पंजीयन की व्यवस्था सहकारी समितियों में करा सकते हैं. इसके अलावा सहकारी विपणन संस्थाओं, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर भी मुफ्त में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. पहले की तरह ही सहकारी समितियों के जरिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है.
बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था
सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की मुफ्त सुविधा केवल सहकारी समिति एवं विपणन सहकारी संस्था स्तर पर स्थापित केंद्रों पर उपलब्ध होगी. इसके अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन, कियोस्क, लोकसेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर तथा निजी साइबर कैफे के जरिए 50 रुपये शुल्क के साथ भी पंजीयन कराया जा सकता है.
उपज बिक्री के लिए दस्तावेज और हेल्पलाइन नंबर
उप संचालक कृषि केएस खपेडिया ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे खसरा-खतौनी, आधार कार्ड, समग्र आईडी एवं बैंक खाते का विवरण साथ लेकर निर्धारित केंद्रों पर समय पर उपस्थित हों. जिला प्रशासन की ओर से ई-उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. किसानों की मदद के लिए कंट्रोल रूम की हेल्पलाइन 07592-233153 भी जारी की गई है.