गन्ने की पत्तियां सूखते ही हो जाएं सावधान, अर्ली शूट बोरर चुपके से कर सकता पूरी फसल बर्बाद

गन्ने की फसल में पत्तियां सूखना और बढ़वार रुकना खतरनाक कीट के हमले का संकेत हो सकता है. अर्ली शूट बोरर पौधे को अंदर से नुकसान पहुंचाता है. समय पर पहचान, निगरानी और सही उपचार से किसान अपनी फसल को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 16 Feb, 2026 | 06:00 AM

Sugarcane Farming: खेती में सबसे बड़ा डर तब लगता है जब मेहनत से उगाई फसल अचानक कमजोर दिखने लगे. खेत में खड़े हरे-भरे गन्ने अगर धीरे-धीरे पीले पड़ने लगें और उनकी बढ़त रुक जाए, तो किसान की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. कई बार इसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन असल वजह एक खतरनाक कीट भी हो सकता है. जिसका नाम अर्ली शूट बोरर है.

सही समय पर पहचान और इलाज से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है. गन्ने की खेती में शुरुआती समय में दिखाई देने वाले छोटे-छोटे बदलाव आगे चलकर बड़ा नुकसान कर सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि किसान पौधों की हालत पर लगातार नजर रखें और किसी भी असामान्य लक्षण को तुरंत समझने की कोशिश करें.

शुरुआती बढ़वार में होता है कीट का हमला

गन्ने की फसल  में एक ऐसा कीट पाया जाता है जो पौधे की शुरुआती बढ़वार के समय ज्यादा सक्रिय होता है. अर्ली शूट बोरर पौधे के नरम तने के अंदर घुसकर उसे अंदर से नुकसान पहुंचाता है. बाहर से पौधा कुछ समय तक सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर-ही-अंदर तना खोखला होने लगता है. इस वजह से पौधे की बढ़त रुक जाती है और धीरे-धीरे पूरा हिस्सा सूखने लगता है. अगर खेत में कई पौधों में एक जैसे लक्षण दिखने लगें, तो यह संकेत हो सकता है कि कीट का प्रकोप बढ़ रहा है. समय पर कदम न उठाने पर उत्पादन में भारी कमी आ सकती है.

ऐसे करें पहचान

अर्ली शूट बोरर की पहचान करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. अगर गन्ने की ऊपरी पत्तियां अचानक पीली या सूखी दिखने लगें, तो सावधान हो जाना चाहिए. पौधे का बीच वाला हिस्सा कमजोर पड़ जाता है और नई पत्तियां ठीक  से नहीं निकलतीं. प्रभावित पौधे को काटकर देखने पर अंदर का हिस्सा खराब या सड़ा हुआ मिल सकता है. कई बार उसमें से तेज गंध भी आती है. तने में छोटे-छोटे छेद दिखाई देना भी एक बड़ा संकेत माना जाता है. खेत में इस तरह के पौधे दिखें, तो तुरंत जांच और उपचार शुरू करना जरूरी है.

सही समय पर उपचार है जरूरी

कीट के नियंत्रण  के लिए सबसे जरूरी है कि शुरुआत में ही कदम उठाया जाए. खेत की नियमित निगरानी करने से समस्या जल्दी पकड़ में आ जाती है. प्रभावित पौधों को खेत से हटाना और सही कीटनाशक का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. खेत में साफ-सफाई बनाए रखना और समय-समय पर फसल की जांच करना भी जरूरी होता है. संतुलित खाद और पानी देने से पौधे मजबूत  रहते हैं और कीटों का असर कम होता है.

सावधानी से बच सकती है पूरी फसल

गन्ने की खेती में छोटी-सी लापरवाही  भी बड़े नुकसान की वजह बन सकती है. इसलिए किसानों को चाहिए कि वे फसल के हर बदलाव पर ध्यान दें. समय पर पहचान और सही इलाज से न केवल पौधे सुरक्षित रहते हैं, बल्कि मेहनत और लागत भी बच जाती है. खेती में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र यही है कि समस्या को शुरुआत में ही समझ लिया जाए. अगर पत्तियां सूखने लगें या बढ़वार रुक जाए, तो तुरंत जांच करें और सही कदम उठाएं. थोड़ी-सी सतर्कता पूरी फसल को बचा सकती है और किसान की मेहनत रंग ला सकती है.

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Published: 16 Feb, 2026 | 06:00 AM

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