महाराष्ट्र के एक जिले में 21 किसानों ने आत्महत्या की, जनवरी 2026 के आंकड़े सामने आते ही सियासत गरमाई
Farmers Suicide Cases: महाराष्ट्र सरकार के वसंतराव नाइक शेती स्वावलंबन मिशन (VNSSM) के पूर्व चेयरमैन किशोर तिवारी ने कहा कि किसानों ने जनवरी में आत्महत्या की है. उन्होंने सरकार की नीतियों को फेल बताया. वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है.
Maharashtra News: महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामलों ने तूल पकड़ लिया है. अब ताजा अपडेट में कहा गया है कि इस साल के पहले महीने यानी जनवरी में महाराष्ट्र के एक जिले से 21 किसानों ने आत्महत्या कर ली है. राज्य सरकार के एक संगठन के पूर्व चेयरमैन की ओर से किसानों के आत्महत्या करने को लेकर जारी किए आंकड़ों पर राज्य में सियासत गरमा गई है. आरोप लगाया गया है कि सरकार कृषि संकट से निपटने में नाकाम रही है, जिससे हताश किसानों जिंदगी खत्म करने का खौफनाक कदम उठाया है.
संगठन के पूर्व चेयरमैन ने कहा- जनवरी में 21 किसानों ने आत्महत्या की
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार के वसंतराव नाइक शेती स्वावलंबन मिशन (VNSSM) के पूर्व चेयरमैन किशोर तिवारी ने उन किसानों की एक आधिकारिक लिस्ट शेयर की, जिन्होंने कथित तौर पर पिछले महीने जिले में आत्महत्या की थी. एक एक्टिविस्ट ने बुधवार को बताया कि पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में जनवरी में 21 किसानों ने आत्महत्या की, और उन्होंने सरकार पर कृषि संकट से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया.
सरकार किसानों को राहत देने में फेल, किसान खौफनाक कदम उठाने को मजबूर
उन्होंने कहा कि पश्चिमी विदर्भ में जहां कपास और सोयाबीन मुख्य फसलें हैं, वहां 1998 से किसानों की आत्महत्याएं दर्ज हो रही हैं. UPA के साथ-साथ NDA सरकारों के सभी राहत पैकेज इनपुट लागत, सिंचाई, मिट्टी के स्वास्थ्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य, स्थानीय भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं और सरकारी खरीद जैसे मुख्य मुद्दों को हल करने में विफल रहे हैं. किशोर तिवारी ने कहा कि बार-बार कर्ज माफी के बजाय एक लंबी अवधि की क्रेडिट पॉलिसी और नकदी फसलों से मोटे अनाज और दालों की ओर बदलाव के लिए उचित प्रोत्साहन होना चाहिए.
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कलेक्टर ने माना जिले में 21 किसानों ने आत्महत्या की
रिपोर्ट के अनुसार यवतमाल के कलेक्टर विकास मीना ने पुष्टि की कि जिले में 2026 के पहले महीने में 21 किसानों ने आत्महत्या की. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के किसानों की आत्महत्याओं को रोकना और परेशान किसान परिवारों का पुनर्वास करने के लिए चलाए गए अभियान के जरिए राहत पहुंचाई गई है. कलेक्टर मीना ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के डिमांड ड्राफ्ट और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र वितरित किए. कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत परेशान परिवारों को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता भी प्रदान की जाती है.
संजय राउत ने सरकार को घेरा
वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने एएनआई से किसानों की आत्महत्या के मामले पर कहा कि मौजूदा अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते से अमेरिका हमारे बाजार में अपने प्रोडक्ट सस्ते दाम पर बेचेगा, तो क्या हमारे किसान आत्महत्या नहीं करेंगे?” बता दें कि इससे पहले भी संजय राउत महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामलों पर राज्य सरकार को घेरते रहे हैं.